राप्रावि तल्ली नाली में क्षतिग्रस्त स्कूल भवन का लेंटर।
- फोटो : ALMORA
धौलछीना (अल्मोड़ा)। राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्ली नाली की स्थिति बदहाल है। नौनिहाल खतरे की जद में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने खस्ताहाल स्कूल भवन की मरम्मत की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।
सेराघाट क्षेत्र के सुदूर तल्ली नाली और मल्ली नाली गांव के बीच स्थित प्राथमिक स्कूल की स्थापना वर्ष 1949 में हुई। कई बार सुधारने के बाद वर्ष 2006 में बना स्कूल भवन अब नौनिहालों के लिए खतरा बना है। छत का प्लास्तर उखड़ने के कारण लोहे की सरिया बाहर निकल रही हैं, जिससे बारिश में लिंटर टपकता रहता है। सीलन से फर्श और दीवारों में गड्ढे बन गए हैं। खिड़की-दरवाजों की लकड़ी टूट गई है। तीन में से दो शौचालयों में पानी और दरवाजे तक नहीं हैं। मजबूरन छात्रों को खुले में शौच करना पड़ता है। अभिभावक श्याम सिंह और शेर सिंह का कहना है कि जर्जर भवन के कारण अभिभावकों को छात्रों की सुरक्षा की चिंता रहती है। शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष पूरन सिंह ने बताया कि एक साल पूर्व विभाग ने भवन का सर्वे करवाया था। तब से जनप्रतिनिधियों से भी कई बार भवन सुधारने की मांग की जा चुकी है, लेकिन समस्या नहीं सुलझी। ग्राम प्रधान योगेश कुमार और ग्रामीण कुंदन सिंह ने आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं भैंसियाछाना के बीईओ हरीश रौतेला का कहना है कि ग्रामीणों से विद्यालय की समस्याओं को लेकर सूचना मिली है। इसके लिए एसएमसी का प्रस्ताव और फोटोग्राफ मंगवाए गए हैं। इसके प्रस्ताव मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।