रानीखेत (अल्मोड़ा)। गनियाद्योली स्थित कोऑपरेटिव ड्रग फैक्ट्री में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय का कैंपस खोलने की मांग फिर से मुखर हो गई है। ड्रग फैक्ट्री के अध्यक्ष मोहन नेगी ने इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने कहा कि 2015 में कैंपस खोलने की घोषणा हुई थी, पौड़ी में कार्य चल रहा है, लेकिन रानीखेत के हाथ एक बार फिर से कुछ नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल में तीन परिसर खुल रहे हैं, जबकि कुमाऊं में एक भी न खुलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय की तरफ से प्रमुख सचिव आयुष और आयुष शिक्षा को पत्र भेजा गया था। इसमें पौड़ी और रानीखेत में कैंपस खोलने की बात कही गई थी, पौड़ी में तो कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन रानीखेत में कोई प्रगति नहीं हो सकी है। बताया कि जून 2015 में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी मिश्रा रानीखेत दौरे पर आए थे, उनसे ड्रग फैक्ट्री के कर्मचारी यूनियन के सदस्य मिले। कुलपति ने बताया कि वह प्रस्तावित विश्वविद्यालय परिसर को रानीखेत में खोलने को लेकर भूमि का निरीक्षण करने पहुंचे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया था कि कैंपस खुलने पर कोआपरेटिव ड्रग फैक्ट्री को डिस्पेंसरी समेत कैंपस में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद चयनित स्थल का मानचित्र और जिला पंचायत की संस्तुति पत्र भी शासन को भेज दिया गया था, लेकिन तीन साल बाद भी कोई प्रगति नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने योग दिवस पर विवि कैंपस खोलने की घोषणा भी की थी।