अल्मोड़ा के गांधी पार्क में नारेबाजी कर प्रदर्शन करती आशा कार्यकर्ता। संवाद
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अल्मोड़ा/भिकियासैंण। न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन देने समेत अन्य मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने सातवें दिन भी चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। कहा कि पूरे राज्य की आशाएं एक साथ आंदोलन में हैं। अब आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
आशाओं ने कहा कि जब तक मासिक वेतन और कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता तब तक उनका भी अन्य स्कीम वर्कर्स की तरह मासिक मानदेय फिक्स किया जाए। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद आशाओं को पेंशन देने, दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा करने, कोविड कार्य में लगीं सभी आशाआें को कोरोना ड्यूटी की शुरुआत से 10 हजार रुपये मासिक कोरोना-भत्ता भुगतान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आशाओं के श्रम की अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शन में संगठन की अध्यक्ष ममता तिवारी, दीपा वर्मा, भगवती आर्या, विजयलक्ष्मी, भगवती कपकोटी, किरन शाह, गोविंदी शाह, आनंदी महरा आदि शामिल थीं।
भिकियासैंण में उत्तराखंड आशा होल्थ वर्क्स यूनियन एक्टू से जुड़ीं आशा कार्यकर्ता सातवें दिन भी हड़ताल पर रही। धरने में हेमा गड़कोटी, हेमा चौहान, सरस्वती मेहरा, भगवती पाठक, नीमा देवी, दीपा मैनाली आदि बैठीं।