सड़क के लिए प्रदर्शन करते लोग।
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निकटवर्ती एरोली गांव के लिए सड़क नहीं बनने के कारण वहां के ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोड नहीं तो वोट नहीं के एलान के बाद ग्रामीणों ने सोमवार को यहां तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। शासन-प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी जमकर भड़ास निकाली, कहा कि हर चुनाव में उन्हें सड़क के लिए आश्वासन मिले हैं, इस बार आरपार की लड़ाई होगी।
तहसील मुख्यालय में एरोली के ग्रामीणों ने कहा कि रानीखेत नगर से मात्र दो किमी की दूरी पर स्थित गांव आज तक सड़क से नहीं जुड़ सका है। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दो से तीन किमी की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में पसीने छूट रहे हैं। हर विधानसभा और लोक सभा चुनाव में सड़क का मुद्दा जोरशोर से उठाया जाता है, लेकिन जनप्रतिनिधि आश्वासन दे जाते हैं और जीतने के बाद इस मुद्दे को भूल जाते हैं। क्षुब्ध ग्रामीणों ने एक दिन पहले गांव में आम बैठक बुलाकर सर्वसम्मति से रोड नहीं तो वोट नहीं का एलान किया है, इस गांव में कुल 755 वोटर हैं। इधर, सोमवार को ग्रामीण यहां तहसील मुख्यालय आ धमके। ग्रामीणों ने यहां नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में प्रधान जगदीश बिष्ट, शोबन सिंह, जीवन सिंह, सोबन सिंह बिष्ट, महेंद्र सिंह, दान सिंह, नरेंद्र सिंह, रमेश सिंह, चंदन सिंह, दिवान सिंह, धीरेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, महिपाल सिंह, कमल सिंह, राजेंद्र सिंह सहित तमाम लोग शामिल रहे।