अल्मोड़ा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्दलीयों ने राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को पटकनी देकर अपना दबदबा बनाया। जिले में जिला पंचायत सदस्य की 45 सीटों में से 17 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। 13 सीटों पर भाजपा और 14 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी विजयी हुए। इस बार पंचायतों की सत्ता की चाबी निर्दलीयों के हाथों में आ गई है। दिलचस्प ये है कि निर्दलीयों की भूमिका जिला पंचायत अध्यक्ष चुनने में बड़ी निर्णायक रहेगी।
जिले में कांग्रेस और भाजपा के अल्मोड़ा व रानीखेत दो सांगठनिक जिले हैं। अल्मोड़ा जिले में जिला पंचायत की 23 और रानीखेत में 22 सीटें है। अल्मोड़ा जिले में कांग्रेस के 22 और रानीखेत जिले में आठ अधिकृत प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। अल्मोड़ा की दस और रानीखेत की चार सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है।
भाजपा ने अल्मोड़ा जिले में 23, रानीखेत में 22 जिला पंचायत सीटों में से 18 में पार्टी अधिकृत प्रत्याशी उतारे थे। अल्मोड़ा में सात और रानीखेत में छह सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। अल्मोड़ा में छह और रानीखेत में 11 निर्दलीय जीते हैं। भाजपा, कांग्रेस जैसे प्रमुख राजनीतिक दल बहुमत से दूर हो गए हैं। अ
अंदरूनी घमासान ने बिगाड़ा भाजपा, कांग्रेस के समीकरण
पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी घाेषित करने के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के बीच घमासान रहा। पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी और खींचतान के चलते दोनों राजनीतिक दल बहुमत में नहीं आ पाए। बागी प्रत्याशियों ने भी उनका खेल बिगाड़ा। निर्दलीय प्रत्याशी हाथ मार गए।
जिले के विजयी जिला पंचायत सदस्य
भाजपा
जिला पंचायत सीट - विजयी प्रत्याशी -पार्टी का नाम
सकनियाकोट -महेश नयाल -भाजपा
खत्याड़ी - ममता कनवाल - भाजपा
गोलनाकरड़िया - प्रेम लटवाल -भाजपा
छानील्वेशाल - भुवन जोशी - भाजपा
सुनौली - चंपा आर्या - भाजपा
डीडा - दीपक प्रभाकर - भाजपा
भैसाड़ीं - श्वेता फुलारी - भाजपा
विजयपुर - युगल किशोर - भाजपा
नैल - किशोर बागड़ी - भाजपा
जसपुर - सुरेंद्र नेगी - भाजपा
नौला - अम्बा देवी -भाजपा
ऐरोड़ - हिमांशु कुमार - भाजपा
मोवड़ी - बीना बिष्ट - भाजपा
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कांग्रेस
खांकर - सुनीता कुंजवाल - कांग्रेस
ढौरा - पूजा आर्या - कांग्रेस
डोल - रजनी फर्त्याल - कांग्रेस
काभड़ी - भावना जोशी - कांग्रेस
नौगांव - मुन्नी आर्या -कांग्रेस
डुंगरा - हेमा देवी -कांग्रेस
डिंगरा - कुंदन भंडारी - कांग्रेस
पल्यूड़ा - संतोष कुमार - कांग्रेस
सल्ला भाटकोट -शैलजा - कांग्रेस
गड़स्यारी - निशा कनवाल - कांग्रेस
सतीनौगांव - माया देवी - कांग्रेस
रवाड़ी - भोपाल भंडारी - कांग्रेस
उजराट - मनमोहन -कांग्रेस
घचकोट - पूजा बोरा - कांग्रेस
निर्दलीय
बल्टा - प्रदीप मेहता - निर्दलीय
धूरासंग्रोली - नवीन चंद्र - निर्दलीय
डांगीखोला - पुष्पा वर्मा - निर्दलीय
धामस - कुंदन राम - निर्दलीय
खोला - हेमा गैडा - निर्दलीय
कुमौली - मंजू टम्टा -निर्दलीय
खीड़ा - किरण नेगी - निर्दलीय
नागाड़ - हर्षित वर्मा -निर्दलीय
चिन्तोली - मीना शर्मा - निर्दलीय
नैकणा - पुष्पा देवी -निर्दलीय
अजोली तल्ली - शंभु रावत - निर्दलीय
पनुवाद्योखन - हंसा नेगी - निर्दलीय
सौला 2 - शांति उप्रेती - निर्दलीय
ईडा - सूरज उपाध्याय - निर्दलीय
इकरोला - सुंदर सिंह नेगी -निर्दलीय
मोहनरी - नीमा देवी - निर्दलीय
पिलखोली - प्रदीप कुमार - निर्दलीय
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अन्य राजनीतिक दल
बैरती - सरस्वती देवी - यूकेडी
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जिपं में भाजपा की सरकार बनने के आसार, कांग्रेस का फिर बढ़ेगा इंतजार
भाजपा समर्थित नौ प्रत्याशी जीते, एक की दरकार
बागेश्वर। जिला पंचायत में एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनने के पूरे आसार हैं। 19 सीटों वाली जिला पंचायत में भाजपा समर्थित नौ सदस्य चुनकर आए हैं। कांग्रेस समर्थित छह की जीत हुई है तो चार निर्दलीय प्रत्याशियों ने परचम लहराया है। जिपं अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने के इनकी ही अहम भूमिका होने वाली है।
अब तक जिला पंचायत अध्यक्ष के पद का आरक्षण तय नहीं किया गया है। चर्चा महिला या अनुसूचित महिला सीट के आने की चल रही है। वर्तमान में भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास ही जिपं अध्यक्ष पद के लिए सशक्त महिला उम्मीदवार हैं। हालांकि संख्या बल में कांग्रेस, बीजेपी के मुकाबले पीछे है। भाजपा को एक निर्दलीय को साधना है, जो पार्टी के लिए मुश्किल टास्क नहीं लग रहा है। कांग्रेस को चारों निर्दलीयों को अपने पाले में करना होगा, जो फिलहाल संभव नहीं लग रहा है।
पिछले चुनाव में भाजपा के पास थी आठ सीट
2019 के पंचायत चुनाव में भाजपा समर्थित आठ, कांग्रेस समर्थित छह प्रत्याशी जीते थे। पांच सीट निर्दलीयों के खाते में गईं थी। तब भी भाजपा ने बिना किसी परेशानी के जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी। इस साल स्थिति अधिक आसान नजर आ रही है।