फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अल्मोड़ा का दशहरा: यहां होता है पूरे रावण कुल का दहन, एक दो नहीं फूंके जाते हैं 15 पुतले, विदेशी भी हैं मुरीद

Fri, 20 Oct 2023 06:05 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा

सार

अल्मोड़ा का दशहरा पर्व रावण कुल के पुतले फूंकने की परंपरा को सहेजे है। 1936 में यहां रावण परिवार का पुतला फूंकने की परंपरा शुरू हुई जो आज भी निरंतर जारी है।
विज्ञापन
रावण दहन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अल्मोड़ा का दशहरा पर्व रावण कुल के पुतले फूंकने की परंपरा को सहेजे है। 1936 में यहां रावण परिवार का पुतला फूंकने की परंपरा शुरू हुई जो आज भी निरंतर जारी है। कुल्लू के बाद अल्मोड़ा का दशहरा पर्व पूरे देश में प्रसिद्ध है।

विज्ञापन


जानकारों के मुताबिक, शुरुआती दौर में यहां रावण कुल के 30 पुतले जलते थे। हालांकि लोग आज भी इस परंपरा का उत्साह के साथ निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन पुतलों की संख्या में कुछ कमी आई है। 
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व का अल्मोड़ा में इतिहास समृद्ध है। कुल्लू के बाद यहां का दशहरा पर्व पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है।

जानकारों के मुताबिक, रावण कुल के पुतले फूंकने की शुरुआत 1925 से मानी जाती है। अल्मोड़ा में भी वर्ष 1936 से पुतला जलाने की परंपरा चली आ रही है। शुरुआती दौर में यहां रावण कुल के 30 पुतले फूंके जाते थे। अब भी यहां के लोग इस परंपरा को उत्साह के साथ निभा रहे हैं। लेकिन वर्तमान में पुतलों की संख्या आधी रह गई है।
विज्ञापन


वरिष्ठ रंगकर्मी और संस्कृति प्रेमी नवीन बिष्ट बताते हैं कि वर्ष 1936 में जौहरी मोहल्ले में कुंभकर्ण का पुतला बनाने की शुरुआत हुई। नंदादेवी, लाला बाजार में रावण का पुतला बनाया जाता था जो आज भी जारी है। 1974 से अब तक पलटन और थाना बाजार के कलाकार मेघानाद का पुतला बनाते हैं। 
 

विज्ञापन

15 पुतलों का होगा दहन
दशहरा महोत्सव समिति दशहरे के दिन दुर्गा प्रतिमाओं के विर्सजन के साथ रावण परिवार के पुतलों की भव्य शोभा यात्रा निकालेगी। समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह कार्की ने बताया कि रावण कुल के पुतलों की शोभा यात्रा एसएसजे परिसर के मैदान तक निकलेगी, जहां उनका दहन होगा। 

विदेशी पर्यटक भी होते हैं शामिल
दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह कार्की ने बताया कि पुतला दहन कार्यक्रम में जिले के लोगों के साथ ही विदेशी पर्यटक भी उत्साह के साथ शामिल होते हैं। बताया कि विदेशी मेहमानों को भी इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है। 

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें