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नाबालिग से दुष्कर्म में सगे भाई को उम्रकैद

Thu, 19 Jul 2018 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा।
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 विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने चौखुटिया तहसील के एक गांव निवासी नाबालिग से दुष्कर्म के जुर्म में उसके सगे भाई को धारा 376(2) और धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि सरकार निर्णय की प्रति प्राप्त होने के तीस दिन के भीतर पीड़िता को पुनरुत्थान के लिए साढ़े छह लाख रुपये अदा करे।

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सात दिसंबर 2017 को चौदह वर्षीय किशोरी ने घर पर ही नवजात को जन्म दिया था। माता-पिता के पूछने पर किशोरी ने बताया कि उसके साथ रामपुर निवासी युवक ने बलात्कार किया था। इसके बाद किशोरी के पिता ने 12 दिसंबर को पटवारी धनस्यारी के यहां आरोपी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। राजस्व उप निरीक्षक ने न्यायालय में पीड़िता के धारा 164 में बयान दर्ज कराए। न्यायालय के आदेश पर पीड़िता, नवजात शिशु, आरोपी के खून के नमूने जांच को विधि विज्ञान प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजे गए। परीक्षण में आरोपी, पीड़िता और नवजात के खून के नमूने मैच नहीं हो पाए। तब पीड़िता ने पुन: स्वेच्छा से न्यायालय में मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में सगे भाई द्वारा बलात्कार करने और नवजात शिशु भी भाई का होने की बात बताई। 

न्यायालय के आदेश पर किशोरी के भाई और नवजात के खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए। जांच में भाई के खून के नमूने नवजात शिशु से मेल खा गए। मामला विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैलवाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में सात गवाह पेश कराए। निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग दिया। न्यायालय में आरोपी भाई पर दोष सिद्ध हुआ। मामले में पहले आरोपी बनाए गए युवक को दोषमुक्त कर दिया गया।

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