धौलछीना (अल्मोड़ा)। धौलछीना आईटीआई में लगभग डेढ़ दशक बाद भी विभिन्न रोजगार परक ट्रेड स्वीकृत नहीं हो पाए हैं। 14 साल पहले खुले आईटीआई में अब तक मात्र दो ही ट्रेड संचालित हैं। इसमें शॉर्टहैंड ट्रेड में रोजगार की संभावना नहीं होने से सिर्फ कटिंग, टेलरिंग में ही ट्रेनिंग दी जा रही है। स्थानीय लोगों ने चार साल पूर्व स्वीकृत इलेक्ट्रिक, कोपा और फिटर ट्रडों को जल्द शुरू करने की मांग की है।
धौलछीना में 2006 में आईटीआई खुलने से स्थानीय लोगों को अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य की आस जगी थी। स्वीकृति के समय किराए के भवन में खुले संस्था में सिर्फ आशुलिपि हिंदी और कटिंग, टेलरिंग कोर्स ही संचालित हुए। शॉर्टहैंड में अब रोजगार की संभावना नहीं है इसलिए इस ट्रेड में प्रवेश नहीं होते हैं जबकि कटिंग, टेलरिंग में हर साल बालिकाएं प्रवेश ले रही हैं। वर्तमान में भी वहां 14 छात्राएं ट्रेनिंग ले रही हैं। लोगों ने बताया कि 2016 में तत्कालीन सरकार ने इस आईटीआई में इलेक्ट्रिक, कोपा और फिटर तीन ट्रेड खोलने की स्वीकृति प्रदान की थी लेकिन शासनादेश के बावजूद तीनों ट्रेड अभी तक संचालित नहीं हो रहे हैं। स्थानीय व्यापार मंडल अध्यक्ष दरबान सिंह रावत ने कहा कि इन तीनों ट्रेडों की काफी मांग है और यदि इनमें कक्षाएं शुरू हो जाएं तो स्थानीय युवाओं को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने तीनों ट्रडों को खोलने के साथ ही स्टाफ की तैनाती करने की भी मांग की है। इन ट्रेडों में आईटीआई करने के लिए कई युवा अल्मोड़ा अथवा गणाईगंगोली आईटीआई में तक जाकर ट्रेनिंग ले रहे हैं। रीठा-गाड़ी संघर्ष समिति और व्यापार मंडल इस बारे में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज चुके हैं। क्षेत्रीय लोगों ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।