अल्मोड़ा। पौड़ी और अल्मोड़ा जिले की सीमा से लगे सराईखेत क्षेत्र में बहने वाली लखौरा नदी में ब्लास्ट कर मछलियों का शिकार करने वाले अराजक तत्वों की अब खैर नहीं है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मंगलवार को राजस्व पुलिस, जल संस्थान और वन विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ इस मामले में बैठक की। बैठक में तय किया गया कि इस तरह के अराजक तत्वों को चिह्नित किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मंगलवार को उत्तराखंड जन कल्याण समिति के अध्यक्ष सुनील टम्टा की अध्यक्षता में सराईखेत व्यापार मंडल, राजस्व पुलिस, जल संस्थान, वन विभाग और क्षेत्र के ग्राम प्रहरियों की बैठक हुई। इसको संबोधित करते हुए सुनील टम्टा ने कहा कि पिछले कुछ समय से लखौरा नदी में अराजक तत्व ब्लास्ट कर मछलियों का शिकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अराजक तत्वों की इस कार्रवाई से ब्लास्ट में प्रयुक्त होने वाला विषैला पदार्थ नदी के पानी में घुल रहा है। टम्टा ने बताया कि लखौरा नदी से मंगरूखाल पंपिंग पेयजल योजना संचालित की जाती है, जिसके पानी की आपूर्ति गाजर, मंगरूखाल, इकूरौला, रूडोली, इकुखेत, चित्तौड़खाल गांव व कस्बों के अलावा क्षेत्र के स्कूलों और अस्पतालों में भी होती है। टम्टा ने कहा है कि अगर अराजक तत्व इसी तरह ब्लास्ट कर मछलियों का शिकार करते रहे तो नदी का पानी दूषित हो जाएगा और इसका प्रयोग करने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ेगा। बैठक में तय किया गया कि लखौरा नदी में अवैध तरीके से ब्लास्ट कर मछलियों का शिकार करने वालों पर पैनी निगाह रखी जाएगी और पकड़े जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक में जल संस्थान रानीखेत के अधिशासी अभियंता अनुज खाती, राजस्व उपनिरीक्षक यशपाल सिंह, महेंद्र सिंह, वन विभाग के विजय कुमार, पूरन नेगी, बलवीर रावत, किशन सिंह, राजेंद्र नेगी, व्यापार मंडल अध्यक्ष जोगा सिंह आदि मौजूद रहे।