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कुमाऊंनी, गढ़वाली भाषा को आठवीं अनुसिचत में शामिल करें सरकार: कुंजवाल

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अल्मोड़ा में आयोजित सम्मेलन में एक लेखक को पुरस्कार प्रदान करते मुख्य अतिथि कुंजवाल। - फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। नगर के कुंदन लाल शाह प्रेक्षागृह में आयोजित तीन दिनी दसवें राष्ट्रीय कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन के समापन में मुख्य अतिथि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व जागेश्वर के विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि सरकार को कुमाऊं विवि में एमए में कुमाऊंनी भाषा का पाठ्यक्रम शुरू करने के साथ ही कुमाऊंनी, गढ़वाली भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना चाहिए। विश्वविद्यालयों में कुमाऊंनी भाषा एवं साहित्य में निरंतर शोध कार्य होने चाहिए।
इस मौके पर भाषाविद् तारा चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि प्रतियोगिता के दौर में कुमाऊंनी भाषा तभी बच पाएगी जब वह युवाओं को रोजगार दे पाने में सक्षम होगी। पंतनगर विवि के पूर्व कुलपति डॉ. बीएस बिष्ट ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विवि में कुमाऊंनी, गढ़वाली पुस्तकों का पुस्तकालय स्थापित किया है। इंग्लैंड से पहुंचे कैप्टन केशर घले, विपिन जोशी, आनंद बगड़वाल, किशोर जोशी, प्रवीण सिंह आदि ने विचार रखे। सम्मेलन में कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यालयी पाठ्यक्रम में कुमाऊंनी भाषा विषय के रूप में पढ़ाने समेत कई प्रस्ताव पारित किए गए। समिति द्वारा किए जाने वाले भावी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर संस्था की टीमें गठित की गई। सम्मेलन में आनंद बिष्ट, अनूप तिवारी, विनोद जोशी, केशव जोशी को बहादुर सिंह बनौला स्मृति कुमाऊंनी साहित्य सेवा सम्मान, दान सिंह फर्त्याल, नैनाथ रावल को वैद्य कल्याण सिंह बिष्ट स्मृति कुमाऊंनी संस्कृति सेवी सम्मान, विपिन चंद्र जोशी, श्याम सुंदर पांडे, पान सिंह चन्याल स्मृति कुमाऊंनी भाषा सेवी सम्मान से नवाजा गया। संचाल करते हुए पहरु संपादक डॉ. हयात सिंह रावत ने सभी का आभार जताया।
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कुमाऊंनी में लेखन के लिए 11 रचनाकार हुए पुरस्कृत
अल्मोड़ा। सम्मेलन में साहित्यकार पूरन चंद्र कांडपाल को विक्टोरिया क्रास कैप्टन गजे घले सैन्य लेखन पुरस्कार, डा. पवनेश ठकुराठी को बहादुर बोरा श्रीबंधु कुमाऊंनी कहानी पुरस्कार और गोविंद सिंह बिष्ट स्मृति कुमाऊंनी हास्य व्यंग्य लेखन पुरस्कार, डॉ. मनीषा पांडे को इंद्र सिंह रावत स्मृति कुमाऊंनी बाल कहानी लेखन पुरस्कार,प्रो. दिवा भट्ट और डॉ. आनंदी जोशी को पुष्पलता जोशी स्मृति कुमाऊंनी कहानी पुरस्कार, कृपाल शीला को भारतेंदु निर्मल जोशी स्मृति कुमाऊंनी समालोचना पुरस्कार, डा. दीपा कांडपाल को अरुण कुमार भट्ट स्मृति कुमाऊंनी लघुकथा लेखन पुरस्कार, चंद्रशेखर कांडपाल को गोविंद सिंह बिष्ट स्मृति कुमाऊंनी हास्य व्यंग्य लेखन पुरस्कार, डा. प्रदीप उपाध्याय को गंगा मेहता स्मृति कुमाऊंनी शब्द चित्र लेखन पुरस्कार, केशवानंद जोशी जमुना देवी स्मृति कुमाऊंनी हास्य नाटक लेखन, महेंद्र सिंह को कालू सिंह स्मृति संस्मरण लेखन पुरस्कार प्रदान किए गए।
 
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