अल्मोड़ा। राजकीय बालिका इंटर कालेज अल्मोड़ा में आयोजित कार्यक्रम में राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डा. धारा बल्लभ पांडे के दो काव्य संग्रह गीत गौरव और भाव गुंजन का विमोचन मुख्य अतिथि एसएसजे परिसर के हिंदी विभाग में प्रोफेसर शेर सिंह बिष्ट ने किया। प्रो. बिष्ट ने कहा कि कविता मन और समाज की पीड़ा को व्यक्त करती है।
उन्होंने कहा कि डा. पांडे ने आध्यात्मिक चिंतन को कविताओं में पिरोया है। सामाजिक पीड़ा, नारी जीवन के अस्तित्व पर भी प्रकाश डाला है। गीत गौरव काव्य संग्रह में नैतिकता, भावी पीढ़ी के लिए चिंता उजागर की है। वहीं भाव गुंजन में वात्सल्य प्रेम, प्रकृति, अनमोल तन, कल्पतरु, शिशु संसार में मां की अनुभूति का सुंदर चित्रण किया गया है। कविताओं में छायावादी प्रभाव दिखाई देता है।
कवि डा. निर्मल प्रवाह पंत ने हे मां मुझे शुभ ज्ञान दे कविता का पाठ किया। बाल प्रहरी के संपादक उदय किरौला ने डा. पांडे के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। संचालन करते हुए नीरज पंत ने बताया कि डा. पांडे की पावन राखी, ज्योति निबंध माला, अंत्याक्षरी दिग्दर्शन, अभिनव चिंतन, सुमधुर गीत मंजरी, बिंसर चालीसा, बाल गीत घमाधुरी, समयालोक सुदर्शिनी आदि कृतियां पूर्व में प्रकाशित हो चुकी हैं। अध्यक्षता डा. जीसी जोशी ने की।
विशिष्ट अतिथि अल्मोड़ा अरबन बैंक के अध्यक्ष आनंद सिंह बगडवाल, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य भगवती प्रसाद जोशी, हरिहर लोहुमी थे। इस अवसर पर श्याम सिंह कुटौला, पुष्पा कैड़ा, आनंद सिंह बिष्ट, डा. ललित योगी, मनीष नमन, डा. हयात रावत, डा. सतीश भट्ट, विपिन चंद्र, मनीष पंत, मोती प्रसाद साहू, राजू महर, रमा शंकर, जीडी भट्ट, डा. कैलाश डोलिया, रमेश लोहुमी, आशा भट्ट, प्रकाश चंद्र, डा. डीएस बोरा, तारा पांडे, निर्मला कांडपाल, डा. अंकित, ज्योति आदि उपस्थित थे।