अल्मोड़ा। नगर में मिठाई व्यापारी और व्यापारी नेता हिमांशु कांडपाल ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। करीब साढ़े चार माह पूर्व एक व्यक्ति उनकी दुकान में काले रंग का बैग रखा गया, लेकिन तब से नहीं लौटा। बृहस्पतिवार सुबह जब उन्होंने बैग खोला तो उसमें उसमें 10,500 की नगदी समेत कई जरूरी कागजात थे। बैग में रखे कागजात में दर्ज मोबाइल नंबर पर फोन मिलाया तो संबंधित व्यक्ति के पुत्र ने फोन उठाया। पता चला कि बैग रखने वाले व्यक्ति की बीती छह मार्च को ही अल्मोड़ा में हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी। हिमांशु ने अल्मोड़ा पहुंचे मृतक के भतीजे को इसके बाद नगदी समेत सभी सामग्री सौंप दी।
बीती छह मार्च को एक व्यक्ति मालरोड रोडवेज स्टेशन स्थित कांडपाल मिष्ठान भंडार में काले रंग का बैग रख गया था। इसके बाद करीब साढ़े चार माह तक जब वह नहीं लौटा तो बृहस्पतिवार सुबह हिमांशु ने बैग खोला। बैग में 10,500 की नगदी, पांच-पांच हजार रुपये की 33 एनएससी, 10-10 हजार की 17 एनएससी, 20 हजार की एक एनएससी थी। इसके अलावा एसबीआई, अर्बन बैंक की एक-एक और डाकघर की दो पासबुकें थीं। साथ ही आधार कार्ड समेत अन्य कागजात थे। यह बैग न्योली हरड़ा गांव निवासी 59 वर्षीय रामदत्त जोशी का था।
हिमांशु ने बैग में मिले मोबाइल नंबर पर फोन किया तो फोन राम दत्त जोशी के लखनऊ में रहने वाले पुत्र गिरीश चंद्र जोशी ने उठाया। हिमांशु ने बैग दुकान में रखे होने की उन्हें जानकारी दी। तब पता चला कि रामदत्त जोशी की छह मार्च को ही अल्मोड़ा में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। गिरीश चंद्र जोशी ने न्योली हरड़ा गांव में रहने वाले भतीजे प्रकाश चंद्र जोशी को हिमांशु के पास भेजा। इसके बाद हिमांशु ने नगदी समेत सभी सामग्री प्रकाश चंद्र जोशी को लौटा दी। व्यापारी नेता हिमांशु की ईमानदारी की नगरवासियों ने सराहना की है।