दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित करते जनप्रतिनिधि। संवाद
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति सुरना का बोनस वितरण समारोह संपन्न हुआ। समिति के 60 दुग्ध उत्पादक सदस्यों को 2.88 लाख रुपये से अधिक धनराशि का शुद्ध लाभ वितरित किया गया। दुग्ध उत्पादक नंदन सिंह प्रथम स्थान पर रहे। उन्हें 19912 रुपये, खुशाल सिंह दूसरे स्थान पर रहे, उन्हें 9072 रुपये तथा दीपा देवी ने तीसरे स्थान पर रहते हुए 8400 रुपये की बोनस धनराशि प्राप्त की।
बोनस वितरण समारोह की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष मदन सिंह ने की। समिति सचिव हीरा सिंह रावत ने विगत वर्षों की समिति का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुरना में आयोजित कार्यक्रम में दुग्ध अवशीतक केंद्र चौखुटिया के प्रभारी सुरेश बेलवाल ने दुग्ध उत्पादकों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनसीडीसी योजना से तीन और पांच पशु खरीदने के लिए क्रमश: 2.49 लाख और चार लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें अनुदान दिया जा रहा है। वहीं, दुग्ध उत्पादक सदस्यों की केसीसी भी बनाई जा रही है, जिसे पशुपालन के लिए आर्थिक सहायता मिल सके। इसके अलावा उन्होंने पशु आहार, मिनरल, भूसा, साईलेज पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से सुविधाओं का लाभ लेने का आह्वान किया। समारोह में मधुलता रावत, हंसी देवी, शांति देवी, पुष्पा देवी, सुंदर सिंह आदि मौजूद रहे।
समूहों के सदस्यों ने मांगी प्रोत्साहन राशि
रानीखेत (अल्मोड़ा)। आजीविका समूहों के सदस्यों को भी दुग्ध प्रोत्साहन राशि दिए जाने की मांग ने फिर जोर पकड़ लिया है। समूहों के सदस्यों ने डीएम वंदना सिंह से मुलाकात कर दुग्ध सहकारिता समिति आंचल की तरफ से बोनस राशि को फिर से उपलब्ध कराने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक करगेती ने कहा इससे दुग्ध उत्पादकों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। करगेती के नेतृत्व में आजीविका समूहों के सदस्यों ने डीएम से मुलाकात की और कहा कि मार्च 2018 तक आजीविका समूहों के दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध सहकारिता समिति की आंचल की तरफ से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती थी। ज्ञापन में आजीविका समूह देवलीखान, धामस, मटेला, हवालबाग और बिमोला आदि समूहों के सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।