कपकोट के कालीधार रेंज में वनाग्नि से .16 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 480 रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ। धरमघर रेंज के उपराड़ा में 1.80 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगी आग से 5400 रुपये, मजीगांव में .60 हेक्टेयर में लगी आग से 1800 रुपये, बागेश्वर के बिजोरी वन पंचायत में 1.10 हेक्टेयर में लगी आग से 3300 रुपये, छौना वन पंचायत में आधा हेक्टेयर वन क्षेत्र में लगी आग से 1500 रुपये और बैजनाथ के शिखरकोट वन क्षेत्र में 1.80 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगी आग से 5400 रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है।
सभी जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों और फॉरेस्ट वाचर को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसके अलावा बुधवार की रात को डीएम कार्यालय के समीप फिर आग लग गई। आग को बुझाने के लिए वन विभाग और फायर सर्विस की टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कर्मचारियों ने हरी टहनियों से पीट-पीटकर काबू किया। दमकल विभाग की टीम ने डंगोली, कौसानी, भिटारकोट के जंगल में भी घरों की तरफ बढ़ रही आग को काबू किया।
इधर, एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि जहां भी जंगल जल रहे हैं, वन विभाग के कर्मचारी और फॉरेस्ट वाचर तत्काल मौके पर जाकर आग को काबू कर रहे हैं। जंगल जलाने वाले अराजक तत्वों पर भी नजर रखी जा रही है।
रास्तों से साफ किया जा रहा पिरूल
बागेश्वर। कई बार राह चलते लोगों के जली हुई बीड़ी, सिगरेट के टुकड़े पिरूल (चीड़ के पत्ते) में फेंक देने से जंगलों में आग लग जाती है। वन विभाग के फॉचर वॉचर जंगलों से होकर गुजरने वाले पैदल रास्तों पर गिरे पिरूल को साफ करने में जुटे हैं। रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि बृहस्पतिवार को जिजा जजी से जौलकांडे तक के मार्ग पर गिरे पिरूल को साफ किया गया। इससे पूर्व भी काफलीगैर और जिला मुख्यालय के कई रास्तों से पिरूल को साफ किया गया।