अल्मोड़ा। जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा है कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने में भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की अहम भूमिका हो सकती है। संस्थान में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि बेरोजगारों को मशरूम उत्पादन, डेरी, कृषि, उद्यान, पापड़, ड्राइविंग, एडवेंचर कोर्स, फूल और शहद उत्पादन आदि का प्रशिक्षण दिलाएं।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को विश्वास में लेकर इस तरह के प्रशिक्षण देने को कहा। आरसेटी निदेशक को निर्देश दिए कि मुख्य विकास अधिकारी से समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें। यह ध्यान रखा जाए कि प्रशिक्षणार्थियों द्वारा बनाए गए उत्पाद की खपत बाजार में हो सके। महिला सशक्तीकरण के लिए भी प्रशिक्षण दिलाया जाए। मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वह अपने गांव के विकास में खादी ग्रामोद्योग, उद्योग, पशुपालन, उद्यान, कृषि, नाबार्ड, दुग्ध सहित अन्य विभागों की भूमिका चिन्हित करें।
आरसेटी निदेशक अचल कुमार शर्मा ने बताया कि केंद्र की ओर से कारागार में फाइल कवर, लिफाफा, मिठाई के डिब्बे बनाने, जूट उत्पाद प्रशिक्षण आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होंने संस्थान के नवनिर्मित भवन में पेयजल संयोजन की समस्या भी डीएम को बताई। निदेशक ने बताया कि पिछले साल नौ प्रशिक्षण शिविरों में 236 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रबंधक स्टेट बैंक महेश बड़थ्वाल, लीड बैंक अधिकारी जगदीश कुमार, प्रसार प्रशिक्षण केंद्र के आचार्य शशिमौल पाठक, खादी ग्रामोद्योग के भुवन चंद्र बुधानी आदि मौजूद थे।