अल्मोड़ा। ग्रामीण विकास की दिशा में मनरेगा के तहत मेरा गांव-मेरी सड़क योजना केंद और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, लेकिन यह योजना धरातल पर ईमानदारी से उतरती नहीं दिख रही है। भैंसियाछाना ब्लॉक के ग्राम पंचायत पल्यूं में दो साल पूर्व स्वीकृत एक किमी लंबी सीसी मार्ग सड़क आज तक पूरी नहीं हुई है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने जिलाधिकारी को उक्त सड़क की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
दो साल पहले ग्राम पंचायत पल्यूं के अंतर्गत डाना गोलू मंदिर से दियारकूना तक एक किमी सीसी मार्ग स्वीकृत हुआ था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि दो साल बाद भी सड़क का काम पूरा नहीं हुआ है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि खतरे की जद में आए एक भवन के आगे कुछ अधूरी दीवार और करीब 25 मीटर खड़ंजा ही बन पाया है जिसमें सीमेंट, सरिया आदि को कोई प्रयोग नहीं हुआ है, जबकि इस योजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 35 लाख रुपये स्वीकृत हो गए थे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जेसीबी से सड़क काटने के बाद दो सालों में निर्माणाधीन सड़क को लावारिस हालत में छोड़ दिया गया है। सड़क कई जगह धंस भी गई है। यही नहीं ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अधिक श्रमिक दिखाए जाने का भी आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने विधानसभा उपाध्यक्ष को ज्ञापन भी दिया। ज्ञापन देने वालों में धन सिंह, नंदन सिंह, आनंद सिंह, किशन चंद्र पांडे, आरसी पांडे, गिरीश पांडे, मनोज पांडे, किशन सिंह, भागीरथ पांडे, गोपाल सिंह, भावना, कल्पना, तारादतत पांडे आदि शामिल हैं। उन्होंने जांच के अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचाने की चेतावनी दी है।
इधर विधानसभा उपाध्यक्ष ने अनियमितता की शिकायत पर जिलाधिकारी को उक्त सड़क की जांच करने के निर्देश दिए हैं। जिला विकास अधिकारी मो. असलम ने बताया कि जांच शीघ्र शुरू कर दी जाएगी और एक हफ्ते के अंदर जांच पूरी कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट दे दी जाएगी।