रानीखेत (अल्मोड़ा)। जीडी बिड़ला मेमोरियल स्कूल के कर्मचारियों का आरोप है कि बगैर नोटिस के 34 कर्मचारियों को एक साथ हटा दिया गया। दूसरी तरफ स्कूल में अध्ययनरत छात्रों को भी अशोका हाल गर्ल्स स्कूल मजखाली शिफ्ट कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि वित्तीय घाटे के कारण यह कार्रवाई हुई है, हालांकि आधिकारिक बयान कोई भी देने को तैयार नहीं है। फिलहाल निकाले गए कर्मचारी अब आंदोलन के मूड में हैं।
प्रधानाचार्य, एसडीएम और कोतवाल को सौंपे ज्ञापन में जीडी बिड़ला मेमोरियल स्कूल कर्मचारी संघ ने कहा कि 34 कर्मचारियों को बगैर कारण बताओ नोटिस निकाल दिया गया। उन्हें अपना पक्ष रखने तक का मौका नहीं दिया गया है। अचानक हुई इस कार्रवाई से न सिर्फ कर्मचारी प्रभावित हुए हैं बल्कि उनका परिवार भी सदमे की हालत में है।
वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों के बीच में नौकरी छूट जाने से वे लोग अब कहां जाएंगे। कहा कि 24 घंटे के भीतर कार्यवाही नहीं हुई तो कालेज गेट के सम्मुख धरना प्रदर्शन होगा। इधर, एहतियात के तौर पर विद्यालय के बच्चों को मजखाली अशोका हाल में शिफ्ट कर दिया गया है। इधर, विद्यालय परिसर में असंतुष्ट कर्मचारियों ने धरना भी शुरू कर दिया है। ज्ञापन देने वालों में संघ के अध्यक्ष गणेश जोशी, वाईएस परिहार, जगदीश कुमार, आलोक रंजन, राजेंद्र बिष्ट, विष्णु रावत, कुंदन सिंह बिष्ट आदि शामिल रहे। वहीं, स्कूल के प्राचार्य आसिम अली ने बताया कि यह प्रबंधन का फैसला है, वे मामले में अधिक कुछ भी नहीं बोल सकते।
-कई कर्मचारियों की सेवा 20-20 साल बची हुई है। बिना नोटिस के उन्हेें सेवा से निकालना दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है। कर्मचारियों से कहा गया कि इस्तीफा दो नहीं तो निकाल दिया जाएगा। पहले दिन चार लोगों को निकाला गया, 28 जून को 30 लोग निकाले गए। हम धरने पर बैठ गए हैं।
-गणेश जोशी, अध्यक्ष, जीडी बिड़ला मेमोरियल स्कूल कर्मचारी संघ।