अल्मोड़ा। बंदोबस्त के समय 1956 से 1965 के बीच जो भी नक्शे बने थे, जिलेे के उन सभी भू मानचित्रों को डिजिटलाइज किया जा चुका है। अगले कुछ माह में खतौनी का डाटा भू-नक्शों के साथ लिंक कराकर एनआईसी की साइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। यह सारा कार्य उत्तराखंड में कुमाऊं में केवल अल्मोड़ा और गढ़वाल में पौड़ी जिले में पायलट प्रोजक्ट के तहत चल रहा है। सब ठीक रहा तो आने वाले समय में उत्तराखंड के अन्य जिलों में भी इसे शुरू कर दिया जाएगा।
नाप, बेनाप सरकारी और निजी भूमि के करीब 17,482 मानचित्रों को डिजिटाइज किया जा चुका है। पिछले एक साल से इस काम में लगी नोएडा की रामटेक साफ्टवेयर साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नोएडा और राजस्व विभाग के कर्मचारी लगातार इस काम में लगे हुए थे। प्रोजक्ट कोआर्डिनेटर अनुज सिंह ने बताया कि डिजिटलाइजेशन का काम पूरा हो गया है। अब अगले 15 दिनों में भू-नक्शे को खतौनी से लिंकअप करने का काम किया जाएगा। उसके बाद इसे एनआईसी की साइट पर अपलोड किया जाएगा। भू नक्शेे खतौनी के साथ लिंकअप होने के बाद उसमें खसरा नंबर डालने पर उससे संबंधित नाम, कितना क्षेत्रफल, कितने खातेदार जैसी सारी जानकारी ऑनलाइन हो जाएगी।
सहायक भू लेख अधिकारी जय सिंह पाल ने बताया कि डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड मॉडलाइजेशन प्रोग्राम के तहत जिले के सभी भू-नक्शों को डिजिटलाइज करने का काम हो गया है। अब भू-नक्शे को खतौनी से लिंकअप करने का काम किया जा रहा है जिसके बाद जमीन संबंधित सभी नक्शेऔर जानकारी ऑनलाइन मिल सकेगी।