बाल अपराधों पर अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई करें
डीएम ने शिशु सदन और बाल किशोरी गृह का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी ईवा आशीष ने मंगलवार को शिशु सदन और बाल गृह किशोरी का निरीक्षण किया और बच्चों के खिलाफ उत्पीड़न और लैंगिक अपराधों को गंभीरता से लेते हुए पटवारी क्षेत्रों में एफआईआर में तेजी लाने के निर्देश उपजिलाधिकारियों को दिए। उन्होंने तहसील स्तर पर भी बाल अपराधों को चिन्हित कर अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
बाल किशोरी गृह के निरीक्षण के दौरान डीएम ने 18 वर्ष पूर्ण करने के बाद किशोरियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए होटल मैनेजमेंट एवं आवासीय विवि में दो-दो सीटें रिजर्व कराए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से ओपीडी पर्ची समेत राजकीय कार्यालयों में प्राप्त होने वाले बिलों पर भी चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर अंकित कराने को कहा। बाद में बाल शिशु सदन का निरीक्षण कर उन्होंने प्रोबेशन अधिकारी को सर्दियों में बच्चों को ठंड ना लगे इसके लिए शिशु सदन में ब्लोअर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने सीसीटीवी के लिए जल्द से जल्द हार्ड डिस्क खरीदने को कहा। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम के प्राविधानों को सख्ती से अमल कराने पर जोर दिया। इस अवसर पर सीडीओ मयूर दीक्षित, विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शेष चंद्र, बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ललित दोसाद, किशोर न्यायालय बोर्ड सदस्य हेमलता भट्ट, जिला प्रोबेशन अध्ेािकारी राजीव नयन तिवारी, शिशु सदन अधीक्षिका मंजू उपाध्याय, बाल संरक्षण आयोग के सदस्य बीएल आर्या, चाइल्ड लाइन के शंकरानंद साह, समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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फोटो- 28एएलएम09पी- शिशु सदन का निरीक्षण करतीं जिलाधिकारी ईवा आशीष।