अल्मोड़ा। कृषि विभाग द्वारा कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिले में अब तक 54 हजार काश्तकारों की खेती योग्य भूमि की मिट्टी का परीक्षण कर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड कृषि विभाग वितरित कर चुका है। विभाग का चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी 1.09 लाख से अधिक कृषकों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाने का लक्ष्य है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खेती पर ही निर्भर हैं। मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होने से फसल उत्पादन प्रभावित होता है। इसको देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार की योजना में सभी काश्तकारों की खेती योग्य भूमि की मिट्टी का परीक्षण कराकर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराना है। जिसमें कृषक की भूमि में किन-किन पोषक तत्वों की कमी है और उसके लिए कौन सा बीज और फसल लाभदायक रहेगी, इसका उल्लेख होगा। ताकि कृषि भूमि के पोषक तत्वों की कमी दूर की जा सके और फसल उत्पादन में बढ़ोतरी हो सके।
मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि जिले में कुल 1,09,268 काश्तकार हैं। इनमें से 54 हजार कृषकों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण कर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं, जबकि करीब 25 हजार कृषकों के स्वास्थ्य कार्ड बनाने का काम प्रगति पर है।
विभाग ने सभी कृषकों को मार्च तक मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि कोसी में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला है। काश्तकार स्वयं अथवा ग्राम प्रधान और सहायक कृषि अधिकारी के माध्यम से कोसी लैब में अपने खेतों की मिट्टी का परीक्षण करवा सकते हैं। मृदा परीक्षण के लिए काश्तकार को करीब आधा किग्रा मिट्टी लानी होगी। उन्होंने बताया कि काश्तकारों को जागरूक करने को ग्रामीण इलाकों में कार्यक्रम और चौपाल भी आयोजित की जा रही है।