मानिला (अल्मोड़ा)। सल्ट ब्लॉक के मानिला क्षेत्र के गांवों में पशुओं में खुरपका रोग नियंत्रित नहीं हो पा रहा है। खुरपका रोग से टिटोली गांव में एक पशुपालक के बछड़े की मौत हो गई है। गाय की स्थिति भी गंभीर बनी है। इसके अलावा अन्य गांवों में दर्जनों पशु बीमार हैं। रोग फैलने के 12 दिन बाद भी प्रभावित गांवों में पशु चिकित्सक नहीं पहुंचे हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
मानिला क्षेत्र के सदर बाजार, सकणना, टिटोली, इड़ाकोट,चौना, खाल्य, रतखाल, कुणीधार, बिछखोली, नैल, बेसरबगड़ आदि गांवों में पिछले दस दिनों से पशुओं में खुरपका रोग फैला है। खुरपका रोग से टिटोली गांव में पशुपालक पदुली देवी पत्नी केशव दत्त नैनवाल के बछड़े की मौत हो गई है। पशु अस्पताल मानिला के डॉ. भरत सिंह ने सदर बाजार में पशु चिकित्सक भेजने की बात कही थी लेकिन रविवार को कोई भी नहीं पहुंचा। समय पर उपचार नहीं मिल पाने के कारण पशुओं की जान को खतरा बना हुआ है।