अल्मोड़ा। दो जिलों में दायित्व संभाल रहे क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी की इस बार लोकसभा चुनाव में दो जिलों में ड्यूटी लगी है। दोनों में से किसी एक जिले से भी उनको रिलीव नहीं किया गया है। जिससे अधिकारी अभी भी असमंजस में हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी अल्मोड़ा की ओर से पिथौरागढ़ के डीएम को पिछले दिनों पत्र व्यवहार कर उन्हें पिथौरागढ़ में चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने को कहा गया था लेकिन अभी तक इस संबंध में कार्रवाई नहीं होने से संबंधित अधिकारी पशोपेश में है।
दरअसल 2016 में अल्मोड़ा जिला मुख्यालय में क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी के पद पर तैनात वाईएस रावत को इसी दौरान पिथौरागढ़ में जिला सेवायोजन अधिकारी का भी दायित्व सौंप दिया गया था। इस दौरान यह दोनों जिलों में सेवा देते रहे। इधर लोकसभा चुनाव की ड्यूटी चार्ट में क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी की अल्मोड़ा के साथ-साथ पिथौरागढ़ में भी चुनाव ड्यूटी लगा दी गई है।
अल्मोड़ा में श्री रावत को नोडल अधिकारी लेखन सामग्री एवं प्रपत्र छपाई की जिम्मेदारी और पिथौरागढ़ में कंट्रोल रूम प्रभारी शिकायती का चार्ज दिया गया है। क्योंकि लोकसभा चुनाव में मुख्य आरओ अल्मोड़ा ही हैं इसलिए आरओ नितिन भदौरिया ने कुछ दिन पहले पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर उन्हें वहां से चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने को कहा था।
लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। दोनों जगह चुनाव ड्यूटी लगने से क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी काफी असमंजस में हैं और बार बार किसी एक जिले से चुनाव ड्यूटी से रिलीव की मांग कर रहे हैं। इधर संसदीय क्षेत्र अल्मोड़ा के उप जिला निर्वाचन अधिकारी केएस टोलिया ने बताया कि अल्मोड़ा के आरओ द्वारा भेजे गए पत्र का पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। उनके जवाब का इंतजार किया जा रहा है।