मई में प्रस्तावित चार धाम यात्रा मार्ग पर इस बार कुछ नई व्यवस्था की गई है। 61 अस्थाई पुलिस चौकियां खोलने के साथ हादसा प्रभावित इलाकों में एसडीआरएफ कमान संभालेगी।
पहली बार गंगा और अलकनंदा किनारे 21 ऐसे स्थान चिहिंत किए गए है, जहां डूबने से श्रद्धालुओं की मौत होती रही है। यहां पर राहत बचाव के लिए हर समय टीम मौजूद रहेगी।
पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने नौ मई को के दारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री और 11 मई को बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तैयारियों की समीक्षा करने के बाद बताया कि इस बार यात्रियों का जोखिम करने के लिए कुछ और बेहतर व्यवस्थाएं की गई है। यात्रा मार्ग पर 78 पुलिस स्टेशन, 138 रिपोटिंग चौकियों के साथ 61 और अस्थाई पुलिस चौकियां खोली जाएगी।
270 संभावित दुर्घटनास्थलों पर अगले 15 दिन में चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए जाएंगे। पुलिस की 24 क्रेन के अलावा एसडीआरएफ के करीब 200 जवान यात्रा मार्ग पर मौजूद रहेंगे। पिछले साल के मुकाबले मौसम, एक्सीडेंट, डायवर्जन आदि की जानकारी देने के लिए एसएमएस सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाएगा।