पांच अक्टूबर से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण
में हैं। शुक्रवार दोपहर तक 90 लोगों ने केदारनाथ यात्रा के लिए
रजिस्ट्रेशन करवाया। गुरुवार को मौसम खुलने पर हेलीकॉप्टरों ने केदारनाथ धाम के 10 चक्कर काटे। रजिस्ट्रेशन करवाने वालों में 20 यात्री और 70 स्थानीय लोग हैं।
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चॉपरों से घाटी में रजाई-गद्दे और फोल्डिंग चारपाई पहुंचाई गई। धाम में 17 टेंट लगाए गए हैं। एक टेंट में चार आदमियों के ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा यहां 11 प्री-फेब्रिकेटेड हट्स भी हैं। पैदल रास्ते पर लिनचोली में 25 और भीमबली में आठ टेंट लगाए गए हैं।
सोनप्रयाग, भीमबली और लिनचोली में पुलिस चेक पोस्ट स्थापित कर पुलिस बल की तैनाती की गई है। सोनप्रयाग, गौरीकुंड, भीमबली, लिनचोली और केदारनाथ में डॉक्टर तैनात कर दिए गए हैं।
60 लोगों ने करवाया रजिस्ट्रेशन
केदानाथ यात्रा के इच्छुक लोग गुप्तकाशी पहुंचने लगे हैं। 60 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। पांच अक्तूबर को यात्रियों के जत्थे को सुबह 8.30 बजे रवाना करने की योजना है। जत्थे के साथ पुलिस टीम रहेगी।
50 घोड़े-खच्चर पंजीकृत
सोनप्रयाग बाजार में घोड़े-खच्चरों की बुकिंग के लिए प्रीपेड काउंटर स्थापित कर दिया गया है। केदारनाथ आवागमन के लिए 50 घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण किया गया है। सोनप्रयाग से केदारनाथ आने-जाने का किराया 3000 रुपए तय किया गया है।
जंगल चट्टी से आगे पहुंचे हरीश
केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत लगभग 70 लोगों के साथ केदारनाथ के लिए रवाना हो चुके हैं। हरीश रावत रामबाड़ा पहुंच गए हैं। जिलाधिकारी दिलीप जावलकर ने बताया कि सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर पास जारी कर दिए गए हैं।
केदारनाथ जाने से पहले हरीश रावत ने बताया कि मैने मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया था कि प्रदेश के बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों के आने से पहले स्थानीय लोग यात्रा करें, ताकि उनको लगे यहां ठीक है। मैं बाबा केदार से प्रार्थना करूंगा कि अब रहम करो। उत्तराखंड ने बहुत सह लिया है।
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