फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नैनीतालः जंगल में भड़की भीषण आग, 30 परिवार आग में फंसे

Fri, 29 Apr 2016 10:06 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुक्तेश्वर (नैनीताल)
विज्ञापन
नैनीताल के जंगल में आग - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
नैनीताल के रामगढ़ ब्लाक के दाड़िम ओड़ाखान के जंगल में भड़की आग से आईवीआरआई का भवन जलकर नष्ट हो गया। जंगल में आग भड़कने के कारण जसपुर गांव के 30 परिवार घिर गए हैं।
विज्ञापन


यहां फायर ब्रिगेड पहुंचने का रास्ता नहीं है। टंकियों का पानी समाप्त होने के कारण ग्रामीण मिट्टी खोदकर आग बुझाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। अग्निकांड के चलते संचार व्यवस्था ठप हो गई है। बुधवार को दाड़िम-ओडखान के जंगल में आग भड़क गई थीं। इस आग को बुझाने में सफलता नहीं मिल सकी।

यही आग बृहस्पतिवार को आईवीआरआई के जंगल तक आ पहुंची। शाम चार बजे आग की लपटों नें संस्थान के चिकित्सालय के समीप बने भवन को आगोश में ले लिया। संस्थान के कर्मचारियों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। सूचना मिलने पर दमकल वाहन मौके पर पहुंचा लेकिन कुछ ही देर बाद दमकल का पानी खत्म हो गया।
विज्ञापन

बीएसएनएल की संचार सेवा ठप

demo
इधर मुक्तेश्वर से सटे जसपुर गांव के जंगल में भी आग फैल गई। चीड़ का जंगल होने के कारण आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही है। दावानल से बीएसएनएल की ओएफसी केबिल भेंट चढ़ गई।

इस कारण बीएसएनएल की संचार सेवा ठप हो गई। ग्रामीणों ने घटना से वन विभाग और पुलिस को अवगत कराया लेकिन सड़क से डेढ़ किलोमीटर दूर स्थान पर कोई सरकारी सुविधा ग्रामीणों को नहीं मिल सकी। पानी डालते डालते रात में टंकियां सूख गई। आग से गांव के 30 परिवार घिर गए हैं।

वे आग को बुझाने के लिए अब मिट्टी खोदकर डाल रहे हैं ताकि आग बुझाई जा सके। गांव के रहने वाले सुधीर कुमार, विपिन, प्रकाश चंद्र. पंकज और सुनील का कहना है कि अब लोग जंगल की आग से बचाव के लिए  भगवान से गुहार लगा रहे हैं। क्योंकि रात में यहां फायर ब्रिगेड की सुविधा मिलना कठिन है।
विज्ञापन

आग बुझाने में जुटे पूर्व सरपंच झुलसे

आग
नैनीताल के सुदूरवर्ती ओखलकांडा के गांव ईजर में जंगल की आग बुझाने के दौरान बुजुर्ग पूर्व सरपंच बुरी तरह झुलस गए। पीएचसी ओखलकांडा में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया।

क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बर्गली ने बताया बृहस्पतिवार की शाम ईजर गांव के कंपार्ट नंबर एक में दावाग्नि भड़क उठी। तल्ला ओखलकांडा के पूर्व सरपंच जयसिंह बोरा (72) ग्रामीणों के साथ आग बुझाने लगे। बताया जाता है कि दावाग्नि के अचानक भड़कने से जय सिंह बुरी तरह झुलस गए।

दावाग्नि में फंसे जय सिंह को ग्रामीणों ने किसी तरह जंगल से बाहर निकालकर निजी वाहन से ओखलकांडा स्थित पीएचसी पहुंचाया, लेकिन पीएचसी में इलाज के लिए जरूरी संसाधनों के अभाव में उन्हें हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें