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वॉट्स एप पर खेला जा रहा गंदा खेल!

Mon, 07 Apr 2014 08:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी।
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इस समय हाईटेक चुनाव प्रचार के बीच मतदाताओं को बरगलाने की चाल भी चली जा रही है। मतदाताओं के कीमती वोट चुराने के ऐसे तरीके अपनाए जा रहे हैं कि कोई भी आसानी से बहकावे में आ जाए।
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वाट्स एप पर इन दिनों एक ऐसा ही मैसेज खूब फारवर्ड किया जा रहा है। इसमें मतदान के लिए प्रेरित करने के साथ ही चुनाव आयोग के निर्देश व नियम लिखे हैं।

इन सबके बीच ईवीएम (इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन) चेक करने के बहाने एक खास चुनाव चिह्न के सामने की बटन दबाने की बात भी कही गई है।

सोशल साइटों से शुरू हुआ खेल

चुनाव आयोग की सख्ती के चलते इस बार सड़कों और गली-मोहल्लों में भले ही राजनीतिक पार्टियों और प्रत्याशियों के बैनर-पोस्टर कम नजर आ रहे हैं लेकिन राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और उम्मीदवारों के समर्थक सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं।

फेसबुक के बाद अब इन्हें वाट्स एप जैसा मोबाइल एप्लीकेशन भी मिल गया है। बीते विधान सभा या लोकसभा चुनाव में ऑर्कुट और फेसबुक तक ये सीमित थे लेकिन इस बार वाट्स एप की मदद से हर स्मार्ट फोन यूजर्स तक अपनी पहुंच बना रहे हैं। मोबाइल पर हर मिनट पर आता वाट्स एप मैसेज सियासी फिजा को खूब रंग रहा है।

शुरुआत में तो प्रत्याशी और पार्टी विशेष के समर्थन में मैसेज आ रहे थे लेकिन अब भ्रमित करने वाले मैसेज खूब भेजे जा रहे हैं। एकबारगी ये मैसेज किसी को भी भरमा सकते हैं।

ऐसा हो सकता है मैसेज

1. अपना वोट जरूर दें, वोट के दिन निम्‍नलिखित बातों का ध्यान जरूर रखें।
2. अपना पहचानपत्र साथ लेकर जाएं।
3. जितनी जल्दी हो मतदान केंद्र पर पहुंचे।

4. चुनाव और सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग करें।
5. जो बीमार, लाचार या वृद्ध हों, उन्हें मतदान केंद्र पर ले जाने में सहायता करें।

6. अपना वोट किसी को भी दें पर वोट देने से पहले.... (राजनीति पार्टी का चुनाव चिह्न) के सामने वाला बटन दबाकर यह सुनिश्चित कर लें कि मशीन ठीक से काम कर रही है या नहीं। उसके बाद जिसे मर्जी वोट करें, क्योंकि ये आपका अधिकार है।
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ऐसे पहचान कर बचाएं अपना कीमती वोट

1. ऐसे मैसेज में आचार संहिता में नियम बताए जाते हैं।
2. इसमें जोर देकर किसी पार्टी या प्रत्याशी का नाम नहीं लिखा होता।
3. ऐसे अधिकांश मैसेज में भेजने वाले का उल्लेख नहीं होता।

बचाएं अपना बहुमूल्य वोट
1. मतदान से जुड़े सभी मैसेज ध्यान से पढ़ें।
2. ऐसे मैसेज को परिचितों को फार्वड न करें।

3. वाट्स एप पर ग्रुप में इनके बारे में जानकारी दे दें।
4. एक ही नंबर से बार-बार ऐसे मैसेज आएं तो जिला निर्वाचन अधिकारी से इसकी शिकायत करें।
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