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नहीं रुक रहे यूपी के बड़बोले मंत्रियों के बेतुके बोल

Thu, 25 Apr 2013 12:05 PM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव की लगातार हिदायत के बावजूद पार्टी नेता और मंत्रियों के बेतुके बोल रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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उपलब्धि दिवस पर 23 अप्रैल को मंत्रियों व पार्टी के अन्य कुछ नेताओं की बातों ने एक बार फिर सपा नेतृत्व को परेशानी में डाल दिया।

सपा सरकार की एक साल की उपलब्धियां जनता को बताने गए नेताओं ने लोगों को सरकार के कामकाज तो कम बताए, विवादास्पद बातें ज्यादा बोली।

किसी ने केंद्र पर हमला बोला तो किसी ने अधिकारियों पर निशाना साधा।

किसी ने कहा, ‘दुष्कर्म की छोटी-छोटी घटनाएं सामने आती ही रहेंगी’ तो किसी ने ‘अधिकारियों की वर्दी उतरवा देने तो किसी ने 24 घंटे में तबादला करा देने का दम भरा।’

समाजवादी पार्टी ने इन बयानों को गंभीरता से लिया है। पार्टी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि वे सच्चाई की जानकारी लेंगे। उसके बाद आगे का फैसला किया जाएगा।
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सबसे दिलचस्प व विवादास्पद बयान सपा मुखिया के घर से ही आया। इटावा में सपा मुखिया मुलायम के अनुज राजपाल यादव ने तो अपनी बातों से पूरे नेतृत्व को ही कठघरे में खड़ा कर दिया।

बोल दिए, ‘नेताजी बहुत भावुक हैं और वे स्वार्थी नवरत्नों से घिरे हुए हैं, इससे जुझारू कार्यकर्ताओं की बात उन तक नहीं पहुंच पा रही है।

सपा को विरोधियों से नहीं ऐसे नेताओं से खतरा है जो अपने स्वार्थ के लिए कार्यकर्ताओं को लड़ा रहे हैं।’

मेरठ में रियाज अहमद ने कहा , ‘अधिकारी तो घोड़े हैं। जैसा हांकेंगे वैसा ही चलेंगे। खुद को मजबूत करो। फिर उन्हें हाको, गधों की जमात में खच्चर मत ढूंढो, इन्हीं से काम लो।’

रेशम व वस्त्र उद्योग मंत्री शिवकुमार बेरिया उपलब्धि बताने के लिए मंगलवार को एटा गए थे।

उपलब्धियां बताते-बताते बोल पड़े, ‘किसी अधिकारी व पुलिस वालों में इतनी हिम्मत नहीं कि मेरे आदेश के बिना वे अपनी सीट पर बैठ जाएं। अगर वे हमारी नहीं सुनेंगे तो एक सेंकेड भी कुर्सी पर नहीं रह पाएंगे। अगर नहीं मानेंगे तो 24 घंटे में उनकी वर्दी उतर जाएगी।’

दुग्ध विकास राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा फतेहपुर में उपलब्धियां बताने गए थे। पता नहीं क्या हुआ कहने लगे, ‘दुष्कर्म की छोटी-छोटी घटनाएं सामने आ रही हैं। यह आती रहेंगी। इन्हें पूरी तरह कोई नहीं रोक सकता।’

विवाद खड़ा हो गया। सरकार की आलोचना शुरू हो गई।

सबसे दिलचस्प घटना तो मथुरा में घटी। जनता को सरकार की उपलब्धि बताने गए पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह से पत्रकारों ने कानून-व्यवस्था में कमी का उल्लेख करते हुए सवाल किया तो जनाब का जवाब आया, ‘कमी आपके (पत्रकारों) के दिमाग में है। कानून-व्यवस्था में नहीं।’

स्वाभाविक है कि इस तरह के बयानों से सपा के लिए समस्या खड़ी ही होनी थी तो मीडिया ने पार्टी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी से पूछा कि ऐसा बयान देने वालों के खिलाफ पार्टी कोई कार्रवाई करेगी।

चौधरी ने कहा, ‘ समाजवादी पार्टी मीडिया का बहुत सम्मान करती है। किसने कहां क्या बोला, यह मुझे नहीं मालूम है। जानकारी लूंगा कि सच्चाई क्या है। उसके बाद आगे निर्णय किया जाएगा।’
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