एक युवती को गांव का एक युवक लेकर फरार हो गया। पंचायत ने युवक की बहन की शादी युवती के भाई से कराने का फरमान सुना दिया। शादी के बाद युवती से उसके देवरों गैंगरेप किया। फिर उसे यह कह कर घर से भगा दिया कि अब उनका बदला पूरा हो गया।
मामला मुजफ्फरनगर के कमहेदा गांव का है। पीड़ित सबीना (परिवर्तित नाम) ने 27 जुलाई को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
गांव का युवक मोहम्मद अजीम ने 15 फरवरी 2013 को मोहम्मद शादाब की बहन गुलसिदा बानो को लेकर फरार हो गया। वह दिल्ली में एक सिविल ठेकेदार है।
इस घटना के बाद गांव की पंचायत ने अजीम की बहन सबीना का निकाह शादाब से कराने का फरमान सुना दिया। साथ ही शादाब के परिवार को हर्जाने के तौर पर 75 हजार रुपए देने की भी बात कही।
दोनों का निकाह भी हो गया लेकिन 20 जुलाई की तारीख सबीना के लिए मनहूस साबित हुई। उसके भाई की गलती की सजा उसे दी गई। शादाब और उसके भाइयों ने उसकी अस्मत को तार-तार कर दिया।
इस पर पंचायत ने कहा कि आंख के बदले आंख ही वास्तविक फैसला है। वहीं शादाब के घर वालों ने इस वारदात को बदले की कार्रवाई बताई।
सबीना ने पुलिस को बताया कि पंचायत के निकाह के फैसले से वह सहमत थी। क्योंकि अगर वह इससे इनकार कर देती तो गांव में खूनखराबा हो जाता।
उसने बताया कि जिस दिन वह निकाह कर ससुराल आई उसी दिन उसके देवर इरशाद और शाहजाद ने उसके साथ गैंगरेप किया। उसके ससुर ने बताया कि इस तरह बदला लेने की बात पर ही शादाब निकाह के लिए राजी हुआ था।
सबीना के अनुसार, 26 मार्च को उसके भाई के खिलाफ शादाब के घरवालों ने मामला दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस ने अजीम और गुलसिदा को पकड़ लिया। लेकिन जब गुलसिदा ने मजिस्ट्रेट के सामने अपनी मर्जी से निकाह करने का बयान दिया तो दोनों को छोड़ दिया गया।
उसने बताया कि 21 जुलाई की सुबह वह शादाब के घर से जैसे तैसे भागने में सफल रही। फिर उसने 27 जुलाई को थाने में मामला दर्ज कराया।