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'मौलानाओं ने तलाक को बना लिया था धंधा'

Tue, 26 Feb 2013 10:45 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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एकतरफा व फर्जी तरीके से तलाक के खिलाफ ढाई साल से जंग लड़ रही एक महिला को एक बड़ी सफलता मिली है। उसकी अर्जी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट के आदेश पर लखनऊ की वजीरगंज पुलिस ने ससुराल वालों के साथ जालसाजी से तलाक के आरोपी तीन मौलानाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। तीनों मौलानाओं पर तलाक का धंधा करने का आरोप है।
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पुलिस के मुताबिक, ठाकुरगंज की निवासी शबाब हुसैन की बेटी निशात फातिमा ने अपने पति अली कमाल आब्दी, ससुर अली इमाम आब्दी, सास सीमा आब्दी, देवर अली रिजवान आब्दी, जेठ अली इमरान आब्दी, सौतन शीबा रिजवी, रिश्तेदार कुदसिया, मुसय्यब, जीनत जहरा के साथ मदरसा सुल्तानुल मदारिस के प्रिंसिपल मोहम्मद सादिक, मकबरा गोलागंज के मौलाना असगर व मौलाना साजिद पर जालसाजी, धोखाधड़ी, मारपीट और गालीगलौज का आरोप लगाते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में अर्जी दी थी। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज करके तफ्तीश एसआई मोहम्मद इकबाल को सौंपी गई है।

ससुर ने की आपत्तिजनक हरकतें
निशात फातिमा का कहना है कि उसकी शादी 25 नवंबर 2004 को पंजतन मंजिल सरफराजगंज निवासी अली कमाल आब्दी से हुई थी। उसने एक बेटी अलीशा को जन्म दिया। कुछ समय बाद ससुर ने आपत्तिजनक हरकतें शुरू कर दी। विरोध पर प्रताड़ित किया जाने लगा। इतना ही नहीं इसी घर में ब्याही उसकी बड़ी बहन अर्शी व जेठानी हिना के साथ भी वही सलूक हो रहा था।
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मौलानाओं की पिटाई
इस दौरान ससुराल वालों ने मौलाना सैय्यद मोहम्मद सादिक, मौलाना सैय्यद असगर व मौलाना साजिद से साठगांठ करके 25 मार्च 2009 को फर्जी व कूटरचित तलाकनामा तैयार कराया। इसके बाद अली कमाल की शीबा नामक युवती से दूसरी शादी करा दी। इसी तरीके से हिना और अली इमरान आब्दी का तलाकनामा तैयार कराया।

इसकी भनक लगने पर निशात, हिना व अर्शी ने 29 जून 2010 को मदरसे में जाकर हंगामा काटा। पता चला कि वहां तीन-तीन हजार रुपये में तलाक का धंधा चल रहा था। इस पर तीनों बहुओं ने मदरसा अधीक्षक समेत तीनों मौलानाओं की पिटाई की थी।

अकेले लड़ रही जंग
निशात फातिमा का कहना है कि ससुराल वाले उसकी बहन अर्शी का भी फर्जी तलाकनामा तैयार करा रहे थे लेकिन मामला तूल पकड़ने पर अर्शी का तलाक नहीं हो सका। जेठानी हिना ने तंगहाली के चलते हार मान ली। वह मायके में रहने के साथ ब्यूटी पार्लर चलाकर बच्चों की परवरिश कर रही है।

फर्जी तलाक के खिलाफ जंग में अकेली रही निशात ने अपनी बच्ची को साथ लेकर मायके में शरण ली और पुलिस अधिकारियों व कोर्ट के चक्कर काटने शुरू किए। ससुराल वालों ने उसे डराने-धमकाने के साथ अन्य हथकंडे अपनाए। उनके हर प्रयास पर निशात ने कानून के दरवाजे पर दस्तक दी।

यही वजह है कि निशात की ससुराल वालों के खिलाफ अब तक 31 मामले दर्ज हो चुके हैं लेकिन फर्जी तरीके से तलाक कराने के आरोपी मौलानाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने में उसे ढाई साल चक्कर काटने पड़े।

एकतरफा तलाक के खिलाफ फतवा
न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में अर्जी देते हुए निशात फातिमा ने कहा था कि इसी तरह के एक अन्य मामले में मौलाना कल्बे सादिक ने एकतरफा तलाक के खिलाफ फतवा जारी करते हुए फर्जी तलाकनामे को शरई लिहाज से गलत बताया था। इसके अलावा मौलाना कल्बे जव्वाद ने भी इस तरह के तलाक को गलत बताया था।
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