न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने शुगर की बीमारी ठीक करने के नाम पर खीर खाने और खिलाने की सलाह देने के मामले में निर्मल बाबा के खिलाफ वांरट जारी किए हैं।
न्यायालय ने शुगर पीड़ित शिक्षक की रिट पर यह आदेश पारित किया है।
बड़ौत के जनता वैदिक कॉलेज के प्राध्यापक हरीश वीर शुगर से पीड़ित थे। टीवी पर निर्मल बाबा के कार्यक्रम को देख उन्होंने शुगर की बीमारी के इलाज के लिए निर्मल बाबा से संपर्क किया था।
निर्मल बाबा ने उनसे काफी पैसा लेकर सलाह दी कि तुम खीर बनाकर खाओ और गरीबों को खिलाओ तुम्हारी बीमारी ठीक हो जाएगी।
निर्मल बाबा के कहने पर हरीश वीर ने खीर खानी शुरू कर दी। जिससे उनका स्वास्थ्य बहुत खराब हो गया और बमुश्किल जान बची। इसको लेकर उसने कोर्ट में निर्मल बाबा के खिलाफ वाद दायर किया।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्मल बाबा को नोटिस जारी कर दिया। निर्मल बाबा की ओर से 205 सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र देते हुए गुहार लगाई गई कि उसे व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी जाए।
कोर्ट ने बुधवार को निर्मल बाबा का प्रार्थना पत्र निरस्त कर उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिए। कोर्ट ने निर्मल बाबा की पेशी के लिए 6 जनवरी 2014 की तिथि तय की है।