उत्तराखंड की युवती से गैंगरेप मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के शामली में सोमवार को हिंसा भड़क उठी। बलवाइयों के हमलों, फायरिंग, आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस लाठीचार्ज से हालात इस कदर बेकाबू हुए कि पूरा शहर बदअमनी की भेंट चढ़ गया।
धरना देते भाजपाइयों पर डीएम-एसपी की मौजूदगी में पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें करीब 20 लोग घायल हो गए। शहर में भारी तनाव बना हुआ है।
गैंगरेप के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज भाजपा विधायक हुकुम सिंह, विधायक सुरेश राणा, पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल, जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता सुबह दस बजे शिव चौक पर धरना देकर बैठ गए।
दूसरी ओर, लाठी-डंडे और असलहे लेकर निकली भीड़ ने बाजारों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। एक समुदाय के लोगों की दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया।
काजीवाड़ा में बलवाइयों ने मकानों में घुसकर परिवार के सदस्यों पर हमला बोल दिया और तोड़फोड़ करते हुए गोलियां दागीं। गुरुद्वारा चौक पर एक बाइक और साइकिल को आग के हवाले कर दिया गया।
हिंसक भीड़ ने शामली के सीओ की गाड़ी पर पथराव कर दिया। इस दौरान डीएम और एसपी ने शिवचौक पर धरनारत भाजपा नेताओं को समझाने की कोशिश की।
बात नहीं बनने पर पुलिस हुकुम सिंह, सुरेश राणा समेत कई नेताओं को हिरासत में लेकर कोतवाली चली गई। सुरेश राणा ने बताया कि भाजपाइयों को दौड़ा-दौड़कर पीटा गया, जिसमें व्यापारी नेता सूर्यवीर सिंह और पुनीत द्विवेदी समेत 20 लोग घायल हुए।
भाजपा नेताओं को हिरासत में लेने पर पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश भड़क गया। विधायक समर्थकों ने थानाभवन में दिल्ली हाईवे और कंडेला में करनाल हाईवे जाम लगा दिया। पुलिस विधायकों को अपने साथ लेकर दोनों स्थानों पर जाम खुलवाने पहुंची। विधायकों के समझाने पर लोग मान गए।
शहर के हालत पर शासन-प्रशासन की पैनी नजर
गैंगरेप कांड के बाद शहर में सुलगी आग अब शासन स्तर पर भी गूंजने लगी है। शासन के निर्देश के चलते आईजी और डीआईजी ने शामली में डेरा डाला हुआ है।
आईजी भावेश कुमार और डीआईजी दुर्गाचरण मिश्र ने पत्रकारों को बताया कि गैंगरेप के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।