दरअसल, सपा के मजबूत सियासी तिलिस्म को तोड़ने के लिए भाजपा ने 37 दिन पहले पूनम को पार्टी में शामिल किया। हालांकि पार्टी के कई दावेदार इस निर्णय के बाद पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने को तैयार हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य चंचल सिंह की पत्नी सपना सिंह पर भाजपा ने गाजीपुर में दांव लगाया है।
मतदान से नौ दिन पहले इन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी और जीत के दौरान ही इनके साथ विवाद हो गया था। 31 मतों से पराजित अंजना सिंह ने न्यायालय में भी वाद दाखिल किया है। ऐसे ही बलिया में सुभासपा प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत सदस्य पद पर विजय हासिल करने वाली सुप्रिया यादव अब भाजपा की उम्मीदवार हैं।
मिर्जापुर में भाजपा की ओर से घोषित प्रत्याशी न सिर्फ अप्रत्याशित हैं, बल्कि बसपा के बाहुबली पूर्व एमएलसी के इर्द-गिर्द घूमती सियासत की तस्वीर बयां कर रही है। बसपा के पूर्व बाहुबली एमएलसी के करीबी राजू कनौजिया सिटी-चार से बसपा के टिकट पर ही चुनाव जीते हैं और भाजपा ने उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
2019 के चुनाव में चंदौली लोकसभा सीट पर जीत के लिए डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने बाहुबली पूर्व एमएलसी की मदद ली थी, मगर उन्हें पार्टी में शामिल नहीं कराया था। मगर, मिर्जापुर मौजूदा सियासत बाहुबली को भाजपा में लाने की कवायद के रूप में देखी जा रही है।
वाराणसी में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए आज नामांकन होगा। प्रत्याशी दोपहर तीन बजे तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 29 को नाम वापसी होगी। तीन जुलाई को मतदान दोपहर तीन बजे तक होगा। इसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
पंचायत के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा ने बताया कि प्रत्याशी के साथ एक प्रस्तावक व एक अनुमोदक ही जा सकता है। इसके अलावा किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। सपा के प्रत्याशी चंदा यादव जेपी मेहता से नामांकन करने जाएंगी। इसी प्रकार भाजपा प्रत्याशी पूनम मौर्या सर्किट हाउस से नामांकन करने जाएंगी।