जीरो पॉवर्टी अभियान के सर्वेक्षण में काशी में अब तक करीब 15 हजार गरीब तलाशे जा चुके हैं। इस योजना में ऐसे गरीब परिवार चिह्नित किए गए हैं, जो सरकारी योजनाओं से वंचित हैं।
अब उन्हें सभी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। ताकि उनके जीवन के स्तर को उठाया जा सके। इसके साथ ही कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिविलिटी (सीएसआर फंड) की सहायता से उनके जीवन को बेहतर बनाया जाएगा।
डीपीआरओ आदर्श कुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य दो अक्तूबर 2025 तक उत्तर प्रदेश को अत्यधिक गरीबी से मुक्त करना है। प्रत्येक गांव से ऐसे 25 गरीबों को चयनित किया जाएगा जिनके पास न रहने के लिए घर है न आमदनी के लिए रोजगार।
ऐसे परिवारों की एक निश्चित मासिक आय हो सके, इसके लिए सभी संभव प्रयास किए जाएंगे। गरीबों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और जीवन यापन के लिए जरूरी सहायता देना है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष लगभग सर्वे पूरा कर लिया गया है।
इन योजनाओं का मिलेगा लाभ
गरीब परिवारों को खाद्य एवं रसद विभाग, ग्रामीण मनरेगा, महिला एवं बाल विकास, महिला जनजाति, कृषि विभाग, राज्य आजीविका मिशन, ग्राम्य विकास, कौशल विकास मंत्रालय की आवास, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, श्रम, कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति- अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, पंचायती राज, योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।