स्टेशन के बाहर उसे एक व्यक्ति मिला, जिसने उसे बैग थमाया। बैग थमाने वाले के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन से ही उसका वापसी का रिजर्वेशन था। युवक ने बताया कि वह पढ़ाई करता है। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण वह रुपये से भरा बैग वाराणसी से लेकर नालंदा पहुंचाने के लिए तैयार हुआ था।
कैंट जीआरपी द्वारा पकड़े गए युवक ने कहा कि नालंदा से रंजित नाम के एक व्यक्ति ने उसे वाराणसी भेजा था। रंजित के बारे में वह बहुत कुछ नहीं जानता है। रंजित ने उससे कहा था कि वाराणसी के कैंट स्टेशन के बाहर उसे एक व्यक्ति बैग में 15 लाख रुपये देगा, उसे लेकर नालंदा आना है। नालंदा पहुंचने पर उसे 10 हजार रुपये मिलते। इसके अलावा उसे आने-जाने के लिए ट्रेन का टिकट और रास्ते का खर्च अलग से दिया गया था।
जीआरपी कैंट प्रभारी ने बताया कि इस घटना में गिरफ्त में आए युवक के मोबाइल की अहम भूमिका है। युवक के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पूरी उम्मीद है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड के सहारे इस गिरोह की तह तक पहुंचने में हमें बड़ी मदद मिलेगी।