पांच वर्ष बाद एक बार फिर बीएचयू कैम्पस में युवा महोत्सव की धूम रही। विद्यार्थियों द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रही पद्मश्री सोमा घोष ने प्रस्तुती दी और उनकी प्रस्तुती सुन श्रोता भाव विभोर हो उठे।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अंतर संकाय युवा महोत्सव ‘स्पंदन’ की आभा से विश्वविद्यालय परिसर एक बार फिर दमक उठा है। पांच वर्ष के अंतराल बाद आयोजित हो रहे युवा महोत्सव की शुरुआत सोमवार को विभिन्न संस्थानों, संकायों और सम्बद्ध महाविद्यालयों की 23 टीमों द्वारा एम्फीथियेटर ग्राउंड में शोभा यात्रा निकाल कर की गई।
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महोत्सव के औपचारिक उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बीएचयू की पुरातन छात्रा और प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका पद्मश्री डॉ. सोमा घोष मौजूद रहीं। डॉ. घोष ने उद्घाटन समारोह की शुरूआत “कितनी मिलती है तेरी तस्वीर ख़ुदा से, तुझे सोचूं भी तो इबादत हो जाती है” बंदिश से की।
अपने संबोधन में सोमा घोष ने एक शिक्षाविद्, समाज सुधारक तथा स्वतंत्रता सेनानी के रूप में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के योगदान को याद किया। उद्घाटन समारोह मे कुलसचिव प्रो. अरूण कुमार सिंह, छात्र अधिष्ठाता प्रो. अनुपम कुमार नेमा, स्पंदन के संयोजक प्रो. बी.सी. कापड़ी, तथा आयोजन समिति के सदस्य प्रो. आरती निर्मल एवं प्रो. ललित मोहन अग्रवाल भी मंच पर उपस्थित रहे।