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तरक्की: काशी के डेढ़ हजार युवा स्टार्टअप से बदल रहे तस्वीर, मिल रहा सीएम युवा उद्यमी योजना का लाभ

Mon, 17 Nov 2025 07:01 PM IST
प्रगति चंद अभिषेक सेठ, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।

सार

बनारस के युवा स्टार्टअप्स से आर्थिक तस्वीर बदल रहे हैं। यहां 1500 युवाओं को सीएम युवा उद्यमी योजना का लाभ मिला। इस योजना ने युवाओं को एक मजबूत आधार दिया है। 
 
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अभिमान सिंह, अदिति सिंह, अंकिता मौर्या। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बनारस के युवा स्टार्टअप की दुनिया में कदम बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहे हैं। जिले में रोजगार सृजन से लेकर उद्योगों के विस्तार तक, युवा उद्यमियों की नई पीढ़ी परिवर्तन का बड़ा आधार बनकर उभर रही है। सरकारी योजनाओं में विशेषकर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने युवाओं को एक मजबूत आधार दिया है। 

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उद्योग विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के माध्यम से 1500 से अधिक युवाओं को लाभ दिया गया है। इन लाभार्थियों में अधिकांश पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले युवा हैं। जिन्होंने जोखिम उठाते हुए स्वयं के उद्योग खड़े किए और अब वह दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। हस्तशिल्प, ई-कॉमर्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और सेवा क्षेत्र जैसे क्षेत्रों में युवाओं के नए प्रयोग जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं।

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केस - 1

नैचुरोपैथी से मिली संजीवनी, सीएम ने की तारीफ
बड़ी गैबी की रहने वाली अदिति सिंह पटना से एमबीए करने के बाद एक प्राइवेट शिक्षण संस्थान में मार्केटिंग का काम देखने लगीं, लेकिन नौकरी बहुत दिनों तक पसंद नहीं आई। घर आकर कुछ अपना करने का ठान लिया। इसी बीच पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज) यानी हार्मोन संबंधी बीमारी की चपेट में आ गईं। एलोपैथिक दवा ने काफी निराश किया। इस बीच नैचुरोपैथी (प्राकृतिक चिकित्सा) से काफी लाभ मिला तो उस पर रिसर्च किया। उन्होंने इसी पर आधारित एक वेलनेस क्लीनिक स्टार्ट किया। आज अदिति ने स्वयं आत्मनिर्भर बनते हुए 22 महिलाओं को रोजगार दिया है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में सीएम योगी ने एमएसएमई दिवस पर पांच लाख का चेक देते हुए कहा था कि इस पर खूब मेहनत करो। अदिति की सालाना आय इस समय 5 लाख से अधिक है।

केस - 2
खुद भी संभले, औरों को भी संभाला

पांडेयपुर के रहने वाले अभिमान सिंह पहले कोचिंग पढ़ाते थे। कोरोना काल में जब समस्या हुई तो उन्होंने यूट्यूब पर पढ़ाना शुरू किया। इसमें सफलता मिलने पर उन्होंने मोबाइल एप्प बनवाकर उससे छात्रों को जोड़ना शुरू किया। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान से सहयोग मिलने पर उन्होंने इसे और विस्तार दिया। आज अभिमान ने स्वयं रोजगार करते हुए अपने साथ 23 युवाओं को जोड़कर रखा है, जो शिक्षण से लेकर तकनीकी रूप से साथ निभाते हैं। आज उनकी महीने की आय 5 लाख से अधिक है।
 
केस - 3
पहड़िया की अंकिता मौर्या ने कोविड के दौरान टूर ट्रवेल्स और इवेंट प्लानिंग का काम शुरू किया। शुरू के दाे वर्षों में काफी दिक्कतें आई, लेकिन पोस्ट कोविड के बाद से व्यापार में ग्रोथ होता चला गया। आज उनकी सालाना इनकम 15 लाख से अधिक है।
 
क्या बोले अधिकारी
बीते कुछ वर्षों में युवाओं में स्वरोजगार काफी तेजी से बढ़ा है। युवा सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित हो रहे हैं। शासन की योजनाओं का लाभ भी उन्हें पूरी तरह से मिल रहा है। -मोहन कुमार शर्मा, उपायुक्त, उद्योग विभाग 
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