सुरक्षित यात्रा के लिए जीआरपी प्रदेश में 14 नवंबर से नौ दिसंबर तक विशेष अभियान चलाने जा रही है। पुराने अपराधियों पर नजर और सक्रिय बदमाशों की धर-पकड़ के लिए सिपाही से लेकर थाना प्रभारी तक की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
लापरवाही बरतने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी एडीजी रेलवे विनय मौर्या ने मंगलवार को कैंट रेलवे स्टेशन के अधिकारी आवास गृह में पत्रकारों को दी।
एडीजी ने बताया कि रेलवे पुलिस यात्रियों से जुड़े, इसके लिए ट्रेनों में एस्कॉर्ट के सिपाहियों के नंबर से जुड़ी सूची लगाई जाएगी। जीआरपी प्रशासन एसएमएस सुविधा की भी तैयारी कर रहा है। एस्कॉर्ट में चलने वाले जवानों के मोबाइल नंबर यात्रियाें को एसएमएस के माध्यम से मिल जाएंगे।
एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर रेलवे के किसी वाहन स्टैंड पर कोई गाड़ी तीन दिन से ज्यादा समय तक खड़ी पाई जाएगी तो स्टैंडकर्मी इसकी सूचना तत्काल संबंधित जीआरपी थाने या चौकी को देंगे।
एडीजी ने बताया कि रेलवे पुलिस के जवानों की संख्या बढ़ाने के संदर्भ में मुख्यमंत्री जल्द ही रेल मंत्री से वार्ता करेंगे। इस दौरान एसपी रेलवे इलाहाबाद परिक्षेत्र पीके मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक वाराणसी विमल किशोर श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। एडीजी ने स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद वह इलाहाबाद चले गए।