सूबे में नई सरकार की ताजपोशी के पहले ही खाकी वर्दी और यादव नेमप्लेट में दूरियां बन गई हैं। यादव नेमप्लेट के सहारे अब तक महकमे में रौब दिखाने वाले कई पुलिसकर्मियों का नाम अब कुमार और सिंह तक सीमित रह गया है।
यह तब्दीली इन दिनों पुलिस महकमे में चर्चा का प्रमुख विषय है। अचानक नेम प्लेट को साइज छोटी करने और नाम को कुमार और सिंह तक सीमित करने वाले पुलिसकर्मियों का कहना है कि जाति विशेष की नेमप्लेट लगाने से उन्हेें पोस्टिंग में दिक्कत आ सकती थी।
एक पखवारे पहले जब सपा की सरकार थी तो यादव नेमप्लेट वाला खाकी वर्दीधारी खुद को महकमे में खासा रसूखदार समझता था। यादव नेमप्लेट के सहारे मनमाफिक पोस्टिंग में भी दिक्कत नहीं आती थी। मगर, विधानसभा चुनाव के परिणाम ने हालात को पूरी तरह से बदल दिया है।
कुछ दिनों पहले तक सीने में बाएं तरफ शान से यादव नेमप्लेट लगाने वाले कई वर्दीधारियों में अचानक बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है।
शनिवार को जिला मुख्यालय पर एक पुलिसकर्मी ने अपने साथी की बदली नेमप्लेट पर चुटकी ली तो उसका जवाब था कि माहौल केे अनुसार खुद को ढालने में यूपी पुलिस जैसा कोई नहीं...। इसलिए भइया जैसे राजा, वैसे ही रहेंगे मुलाजिम, तो काम में ज्यादा मजा आएगा।