मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सख्त तेवर में दिखे। दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन उन्होंने कमिश्नरी सभागार में करीब साढ़े तीन घंटे तक कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की।
दो टूक कहा, अपराधियों के दस से पंद्रह साल पुराने रिकार्ड खंगालें। वे कहां और किस हाल में हैं, इसका पूरा ब्योरा जुटाएं। वे चाहे किसी दल में छिपे हों या किसी कारोबार में, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। भू और वन माफिया बचने न पाएं। पशु तस्कर और अवैध बूचड़खाना चलाने वालों को जेल भेजें।
अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलें और रासुका, गुंडा एक्ट में कार्रवाई करें। सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने अपनी पार्टी से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। बदमाश चाहे किसी भी दल से जुड़ें हों, उन्हें बख्शा नहीं जाए। पुलिस को कानून व्यवस्था सुधारने के लिए दो महीने की मोहलत दी। ज्यादातर थाने अवैध वसूली के अड्डे बन गए हैं।
अवैध वसूली में लिप्त पुलिस वालों की भी निगरानी करें और कार्रवाई करें। इससे पहले सीएम ने शहर में निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं का तूफानी दौरा किया। मंडुवाडीह आरओबी, चौकाघाट फ्लाईओवर और सामने घाट पुल के अलावा दो कुंडों का निरीक्षण कर विकास का सच देखा।
दोपहर तीन बजे से शाम साढ़े छह बजे तक चली समीक्षा बैठक में कुल 24 बिंदुओं के तहत समीक्षा की गई। कानून व्यवस्था इसमें पहले नंबर पर था। एडीजी जोन बी महापात्रा और कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण से सीएम ने कहा कि कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा करें।
अभी वह मंडलीय समीक्षा कर रहे हैं, इसके बाद जिले की समीक्षा करेंगे। कहा कि हर हाल में अपराध पर अंकुश लगना चाहिए और विकास कार्यों में तेजी आनी चाहिए। राज्य के साथ ही केंद्र की योजनाओं की निगरानी सुनिश्चित की जाए।
आला अफसरों और जनप्रतिनिधियों से यह भी कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप काम न करने वाले अफसरों को चिह्नित करें। पहले उन्हें हिदायत दें और वह न सुधरें तो फिर सख्त कार्रवाई करें। बैठक में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय समेत मंडल के चारो जिलों के जन प्रतिनिधि और पुलिस, प्रशासन के उच्चाधिकारी मौजूद थे।