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जज्बा: 75 साल में जीती नेशनल चैंपियनशिप, रोज करते हैं 4 घंटे वर्कआउट; अब थाइलैंड जाकर खेलेंगे बैडमिंटन

Sat, 29 Mar 2025 01:28 PM IST
प्रगति चंद नीलांबुज तिवारी, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी के योगेंद्र कुमार जायसवाल ने 75 साल में नेशनल चैंपियनशिप जीती है। वह सितंबर में थाईलैंड जाकर इंटरनेशनल मास्टर्स बैंडमिंटन प्रतियोगिता खेलेंगे। 
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योगेंद्र कुमार जायसवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बैडमिंटन में 75 प्लस आयुवर्ग की चैंपियनशिप जीतने वाले योगेंद्र कुमार जायसवाल ने क्रिकेट का मोह 57 साल पहले यानी 1968 में छोड़ दिया था। तब लगा था कि कॅरिअर खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 1969 में यूपी बैडमिंटन चैंपियनशिप का एकल मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। अब नेशनल चैंपियनशिप जीती है। सितंबर में थाईलैंड जाकर इंटरनेशनल मास्टर्स बैंडमिंटन प्रतियोगिता खेलेंगे।

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गोवा में नेशनल चैंपियनशिप जीतकर लौटे योगेंद्र कुमार जायसवाल से विशेष बात की गई। उन्होंने बताया कि रोजाना चार घंटे वर्कआउट करते हैं। इस कारण फिट रहते हैं। अब भी बैडमिंटन की शटल कॉक पर अच्छा नियंत्रण रखते हैं। उन्होंने बताया कि क्विंस कॉलेज में दाखिला लिया तो क्रिकेट खेलने लगा था। यूपी की तरफ से कई मुकाबले खेले और अच्छा प्रदर्शन किया। 

राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में एक महीने तक प्रशिक्षण भी लिया। 1968 में बीएचयू में दाखिला लिया। बीएचयू में ही बैडमिंटन के राष्ट्रीय खिलाड़ी सुरेश गोयल से मुलाकात हुई। सुरेश गोयल की सलाह पर बैडमिंटन खेलने लगा। वर्ष 1969 में यूपी चैंपियनशिप के एकल मुकाबले में स्वर्ण जीता। इसके बाद लगातार चार साल तक यूपी स्टेट को रिप्रजेंट किया। 

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वर्ष 1974 में खेल कोटे से इस्टर्न रेलवे कोलकाता में नौकरी लग गई, फिर पश्चिम बंगाल की ओर से खेलने लगा। भारतीय रेलवे को कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता पदक भी दिलाए। पेशेवर जिम्मेदारियों की वजह से 2004 से 2009 के बीच बैडमिंटन नहीं खेल पाए, लेकिन 2010 से फिर खेलना शुरू कर दिया। 2021 से 70 प्लस आयुवर्ग में खेलने लगा। 

मास्टर्स वर्ग में स्पेन खेलने जाना था, लेकिन कोविड की वजह से नहीं जा सके। 2023 में मास्टर्स वर्ग की प्रतियोगिता कोरिया में खेली गई। इसमें प्री क्वार्टर्र तक का सफर तय किया था।योगेंद्र जायसवाल ने बताया कि बैडमिंटन की पहली प्रतियोगिता यूपी जूनियर चैंपियनशिप प्रयागराज में खेली थी। इसमें स्वर्ण पदक जीता था।  

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