बैडमिंटन में 75 प्लस आयुवर्ग की चैंपियनशिप जीतने वाले योगेंद्र कुमार जायसवाल ने क्रिकेट का मोह 57 साल पहले यानी 1968 में छोड़ दिया था। तब लगा था कि कॅरिअर खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 1969 में यूपी बैडमिंटन चैंपियनशिप का एकल मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। अब नेशनल चैंपियनशिप जीती है। सितंबर में थाईलैंड जाकर इंटरनेशनल मास्टर्स बैंडमिंटन प्रतियोगिता खेलेंगे।
गोवा में नेशनल चैंपियनशिप जीतकर लौटे योगेंद्र कुमार जायसवाल से विशेष बात की गई। उन्होंने बताया कि रोजाना चार घंटे वर्कआउट करते हैं। इस कारण फिट रहते हैं। अब भी बैडमिंटन की शटल कॉक पर अच्छा नियंत्रण रखते हैं। उन्होंने बताया कि क्विंस कॉलेज में दाखिला लिया तो क्रिकेट खेलने लगा था। यूपी की तरफ से कई मुकाबले खेले और अच्छा प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में एक महीने तक प्रशिक्षण भी लिया। 1968 में बीएचयू में दाखिला लिया। बीएचयू में ही बैडमिंटन के राष्ट्रीय खिलाड़ी सुरेश गोयल से मुलाकात हुई। सुरेश गोयल की सलाह पर बैडमिंटन खेलने लगा। वर्ष 1969 में यूपी चैंपियनशिप के एकल मुकाबले में स्वर्ण जीता। इसके बाद लगातार चार साल तक यूपी स्टेट को रिप्रजेंट किया।