योगा करते हुए स्वामी शिवानंद ।
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नियम और संयम जीवन में जरूरी
स्वामी शिवानंद का कहना है कि जीवन में नियम और संयम का होना बहुत जरूरी है। वह रोज नियम से तड़के तीन बजे उठ जाते हैं। पानी से आंख धोकर दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होते हैं। जैसा मौसम होता है उसके अनुसार ठंडे या गर्म पानी से स्नान करते हैं। इसके बाद एक घंटा टहलते हैं और अपने गुरु मंत्र का जाप करते हैं। इसके बाद एक घंटा योगासन करते हैं।
ये आसन शामिल करें दैनिक जीवन में
स्वामी शिवानंद सर्वांगासन करते हैं और कहते हैं कि इससे थाॅयराइड कभी नहीं होगा। इसके बाद पवन मुक्तासन जरूर करना चाहिए। इससे पेट और गैस की समस्या नहीं होती। वज्रासन वह भोजन करने के बाद करते हैं। इससे खाना आसानी से पच जाता है। योगासन के बाद पूजा करते हैं।
पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान स्वामी शिवानंद और पीएम मोदी
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बिना नमक-तेल और उबला भोजन करते हैं शिवानंद
स्वामी शिवानंद दोपहर में भोजन ग्रहण करते हैं। उनका भोजन बिना तेल-नमक वाला होता है। इसमें उबली दाल और सब्जियां होती है। शरीर में नमक की पूर्ति के लिए वह कभी कभी केवल सेंधा नमक का सेवन कर लेते हैं। वे दिन में कभी नहीं सोते। रोज शाम को आठ बजे स्नान करते हैं और रात्रि भोजन में जौ से बना दलिया, आलू का चोखा और उबली सब्जियां लेते हैं। इसके बाद रात नौ बजे तक वे सो जाते हैं। उनका कहना है कि अगर हम योग, आहार विहार, नियम और संयम को जीवन का अंग बना लें तो जीवन की राह सरल हो जाएगी। बीमारियां कोसों दूर रहेंगी।