मंदिरों के शहर काशी में चोर, उचक्के मंदिरों और देवस्थलों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। चोर मंदिरों से दानपेटिका, पीतल के घंटे आदि सामान चोरी हो रहे हैं। एक साल में मंदिरों में 131 चोरी की घटनाएं हुईं हैं। इसमें गोमती जोन में ज्यादा घटनाएं हुई हैं। कुछ मामलों का पुलिस ने खुलासा किया जबकि ज्यादातर में चंदा लगाकर मंदिर में सामान उपलब्ध करा दिया।
कमिश्नरेट के तीनों जोन में हर दूसरे घर को छोड़कर एक देवस्थल है। प्राचीन मंदिरों के अलावा अन्य मंदिरों में देवी-देवताओं को सोना और चांदी तक चढ़ता है। कहीं चांदी के मुकुट तो सोने की नथिया तक भी देवी मंदिरों में भक्त देते हैं। दानपेटिका में भक्त अपने समर्थ के अनुसार चढ़ावा चढ़ाते हैं। इसी का फायदा चोर, उचक्के उठाते हैं। ठंड के मौसम में मंदिरों और दुकान, मकानों में चोरी की घटनाएं ज्यादा होती हैं।
तीन माह बाद भी चोरी का खुलासा नहीं
लोहता थाना क्षेत्र के कोटवा ठकुरान बस्ती स्थित मां दुर्गा मंदिर में चोरी की घटना के तीन माह बाद भी पर्दाफाश नहीं हो सका। यहां से चोर चांदी का मुकुट, नथिया, पीतल का घंटा समेत अन्य सामान चोर समेट ले गए थे। हालांकि पुलिस ने मंदिर पर सीसी कैमरे लगवा दिए हैं। रोहनिया थाना के दरेखूं में प्राचीन शिव मंदिर का दान पेटिका तोड़कर चोरी हुई थी। पुलिस इस मामले को भी नहीं खोल सकी। शिवपुर के मीरापुर बसहीं में तीन माह पहले देवस्थल की दानपेटी चोरी हो गई थी। गंगा घाट किनारे के मंदिरों में चोरी की घटनाओं से परेशान होकर लोगों ने सीसी कैमरे लगवा दिए। इससे यहां चोरी की घटनाएं कम हो गई हैं।