जिलाधिकारी मऊ ने मंगलवार की शाम एसएलओ कार्यालय के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कराकर उनके विरुद्ध कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने फोर लेन सड़क निर्माण में गलत तरीके से मुआवजे का भुगतान किया।
गिरफ्तार आरोपियों में नरेशकांत यादव एसएलओ कार्यालय में क्लर्क वहीं संजय पांडे कम्प्यूटर ऑपरेटर है। कोतवाली प्रभारी राम सिंह ने बताया कि दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अंडर ट्रायल मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार कर फोर लेन के मुआवजे का भुगतान कर दिया।
किसी ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी से की। इस पर डीएम ने जांच कराई। मामला सही मिलने पर डीएम के आदेश पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दोनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई। समाचार लिखे जाने तक दोनों कर्मचारी हवालात में बंद थे।