55 वर्षीय बुजुर्ग की जीवन रक्षक बनी बागी धरती की बेटी अभिलाषा सिंह।
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बलिया जिला अस्पताल में सोमवार की रात भर्ती मिड्ढा गांव के एक बुजुर्ग में हीमोग्लोबिन का स्तर 2.2 था। ऐसे में डॉक्टरों ने खून चढ़ाने की जरूरत बताई लेकिन वृद्ध का ब्लड ग्रुप 'ए' निगेटिव का रक्त अस्पताल के ब्लड बैंक में नहीं था। परिवार के लोग परेशान हो गए। जानकारी होने पर रक्तदानियों का व्हाट्सएप ग्रुप चलाने वाले लोग भी परेशान हो गए। इसके बाद रामपुर उदयभान की अभिलाषा ने रक्तदान कर बुजुर्ग की जान बचाई।
मिड्ढा गांव निवासी 55 वर्षीय जंग बहादुर चौहान को सोमवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी स्थिति काफी खराब थी। कमजोरी को देखते हुए डॉक्टर ने हीमोग्लोबिन चेक कराया तो वह 2.2 निकला। इसके बाद डॉक्टर ने तत्काल परिजनों से संबंधित ब्लड की व्यवस्था करने को कहा। परिजन ब्लड बैंक में पहुंचे तो पता चला इस ग्रुप का खून नहीं है। इसके बाद उन्होंने ब्लड डोनेशन से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप 'दि ब्लड' को इसकी जानकारी दी।
ग्रुप के सिद्धार्थ जायसवाल व अनिल सिंह ने इसकी जानकारी अन्य सदस्यों को दी। तत्काल ब्लड डोनेशन से जुड़े अन्य व्हाट्सएप ग्रुप में भी इसकी जानकारी दी गई। 'ए' निगेटिव ग्रुप का ब्लड कहीं मिल नहीं रहा था और सभी लोग परेशान थे। तभी रामपुर उदयभान निवासी निमेष कुमार सिंह की पुत्री अभिलाषा ने दि ब्लड के सदस्य राजशेखर सर्राफ से संपर्क किया। उसने बताया कि उसका ब्लड ग्रुप 'ए' निगेटिव है। वह ब्लड देने के लिए तैयार है। सर्राफ ने तत्काल इसकी सूचना ग्रुप में डाली और अभिलाषा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां अभिलाषा ने रक्तदान कर बुजुर्ग जंग बहादुर चौहान की जान बचाई।