जाने-माने लेखक, चिंतक और साहित्यकार प्रोफेसर चौथी राम यादव ने रविवार की देर शाम अंतिम सांस ली। उनके पुत्र अशोक यादव के अनुसार, उन्हें सांस लेने में समस्या हो रही थी। परिजन उनकों लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहीं पर चौथी राम ने अंतिम सांस ली।
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बीएचयू हिंदी विभाग के अध्यक्ष रह चुके प्रो. चौथी राम अपनी वैचारिकी के लिए सड़कों पर उतर कर आंदोलनों में सक्रियता दिखाई। वक्ता, लेखक और एक्टिविस्ट के त्रिकोण को उनका व्यक्तित्व बखूबी समेटता रहा है। पिछले वर्ष ही उन्हें कबीर राष्ट्रीय सम्मान मिला था।