नवरात्र के षष्ठी तिथि पर बृहस्पतिवार को ललिता गौरी और मां कात्यायनी का दर्शन पूजन हुआ। कोरोना संक्रमण काल के बाद चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में हाजिरी लगाई और देर रात तक मंदिर परिसर में माता के जयकारे गूंजते रहे। वहीं शहर के देवी मंदिरों में भी मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही।
बृहस्पतिवार को ललिता घाट स्थित ललिता गौरी का पूजन हुआ तो वहीं दूसरी तरफ सिंधिया घाट पर स्थित आत्मवीरेश्वर महादेव मंदिर में स्थित कात्यायनी देवी का पूजन संपन्न हुआ। षोडशोपचार पूजन के उपरांत पुजारी ने माता का विधि-विधान से भव्य शृंगार किया। इसके बाद माता की आरती उतारी गई और मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। माता का जयकारा लगाते हुए श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाया।
श्रद्धालुओं ने माता गौरी व मां कात्यायनी से सुख, समृद्धि और विश्व शांति की कामना की। मंदिर परिक्षेत्र में देर रात तक श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते रहे। सिंधिया घाट का पूरा परिसर व गलियां श्रद्धालुओं से गुलजार रहीं, वहीं ललिता घाट स्थित ललिता गौरी के मंदिर में भी श्रद्धालु पहुंचते रहे। हालांकि इस बार श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ा।