जिसके बाद लाल श्रेणी से अब तक 5503 बच्चे बाहर आए। जबकि 8240 बच्चे अभी भी लाल श्रेणी में बने हुए हैँ। वहीं अप्रैल माह में पीली श्रेणी में कुल 64343 बच्चे थे। जिसमें से 13133 बच्चे अब तक पीली श्रेणी से बाहर आए। अभी भी 51210 बच्चे पीली श्रेणी में शामिल हैं। जनपद के 39 गांवों को कुपोषण युक्त चिन्हित किया गया था। जिसमें से 37 गांवों को सुपोषित किया गया और दो गांव अभी भी सुपोषित होने बाकी है।
अभी तो जिन गांवों को सुपोषित करने की सूची हमें मिली है उसकी रैंडम जांच होनी बाकी है। रैंडम जांच होने के बाद ही इन गांवों को सुपोषित घोषित किया जाएगा।
मनोज मौर्या, जिला कार्यक्रम अधिकारी।