खास यह है कि इसमें डॉ. अमर ज्योति सिंह और डॉ. अमरनाथ सिंह के नाम सर्वाधिक शिक्षित जुड़वा भाइयों का भी रिकॉर्ड है। 2007 में लिम्का बुक में इसे शामिल किया गया था। डॉ. अमरनाथ सिंह इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थायी अधिवक्ता हैं। डॉ. अमरबहादुर सिंह और डॉ. अमरनाथ सिंह ग्राम भारती विश्वविद्यालय में बतौर प्रोफेसर ज्ञान का उजियारा बांट रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीनों भाइयों के रिकॉर्ड को पुरा छात्र सम्मेलन के साथ ही विश्वविद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन के लिए रखा है।
परिवार के नाम भी अवार्डों का रिकॉर्ड
अमर बंधुओं का परिवार काशी का अनोखा परिवार है जिसके नाम अवार्डों का रिकॉर्ड है। विशेष उपलब्धियों के लिए पिता व तीन पुत्रों के परिवार को तीन बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड की श्रेणी में लिम्का बुक ने स्थान दिया है। इनके पिता सेवानिवृृत्त आईआरएस आरपी सिंह को 2013 तक 100 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। इसे उपलब्धि मानते हुए संयुक्त रिकॉर्ड को लिम्का बुक ने स्थान दिया है। पिता के साथ तीनों पुत्रों को मिले रिकॉर्डों की संख्या 150 से ऊपर पहुंच चुकी है। 2005 में इस परिवार को फेमिली विद मोस्ट डीलिट डिग्री के लिए भी लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था।
बीएचयू देता है मेडल
प्रो. अमरनाथ सिंह ने बताया कि बीएचयू लीविंग लीजेंड के तौर पर तीनों भाइयों के नाम पर मेडल देता है। बीएचयू में पत्रकारिता के लिए प्रो. अमरबहादुर सिंह गोल्ड मेडल पत्रकारिता, समाजशास्त्र में प्रो. अमरज्योति सिंह गोल्ड मेडल और विधि में डॉ. अमरनाथ सिंह गोल्ड मेडल दिया जाता है। राजनीति विज्ञान के टॉपरों को अमर बंधुओं के दादा ठाकुर संग्राम सिंह के नाम पर गोल्ड मेडल दिया जाता है। पिता आरपी सिंह के नाम पर भी गणित के टॉपर को गोल्ड मेडल दिया जाता है।
पुरा छात्र सम्मेलन के दौरान विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाने वाले पुरा छात्रों के रिकॉर्ड और तस्वीरों का डिस्प्ले किया जाएगा। विश्वविद्यालय के इतिहास में अपने अपने विषय में पहली डीलिट की उपाधि प्राप्त करने वाले अमर बंधुओं को भी इसमें शामिल किया गया है। तीनों के नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हैं। -प्रो. टीएन सिंह, कुलपति, काशी विद्यापीठ