इसमें यह पाया गया कि करीब 49 प्रतिशत बच्चों में इस तरह की समस्या है। प्रो. चतुर्वेदी ने बताया कि टेढे़ मेढ़े, अनियमित दांत व जबड़े का मुख्य कारण अनुवांशिकी होता है। इसके साथ ही मुंह के श्वास लेने, अगूंठा चूसने, कुपोषण, जीभ के बनावट, गलत ढंग से भोजन करना भी इसकी वजह है।
इस बीमारी का इलाज बच्चो में वैसे तो किसी भी उम्र में किया जा सकता है लेकिन सात साल से 18 साल तक का समय सबसे अच्छा होता है। इसके लिए दांत पर विशेष तौर पर अप्लायंस या ब्रेसेस लगाकर इलाज किया जाता है। इसके लिए समय 6 महीने से 3 साल तक लग सकता है। गांवों में रहने वाले बच्चों की तुलना में शहर में रहने वाले बच्चों में यह समस्या अधिक होती है।