रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर।
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में तीर्थयात्रियों के अनुभव के तहत भीड़ और कतार प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और आधारभूत संरचना में विस्तार जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। गिरेश कुलकर्णी ने बताया कि तीन दिनों के महासम्मेलन के बाद सभी मंदिरों के लिए श्वेत पत्र जारी किया जाएगा और आने वाले भविष्य में देश भर के सभी मंदिरों को इससे जोड़ा जाएगा। वाराणसी के 150 मंदिरों के प्रतिनिधियों को इस आयोजन में आमंत्रित किया गया है।
विश्व का सबसे बड़ा इंटरनेशनल टेंपल्स कन्वेशन और एक्सपो
- फोटो : सोशल मीडिया
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर सिगरा में 22 जुलाई से शुरू होने वाले मंदिरों के महासम्मेलन के लिए सभी सीटें फुल हो चुकी हैं। विश्व के सभी शीर्ष धर्मगुरु इस आयोजन में शामिल होंगे। अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, कनाडा, मॉरीशस, श्रीलंका, नेपाल, थाईलैंड समेत कई देशों के संत समाज और मंदिरों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। मंदिरों के 54 से अधिक वक्ता 32 से अधिक कार्यशालाओं को संबोधित करेंगे। तीन दिनों तक टेंपल मैनेजमेंट इकोसिस्टम पर मंथन होगा। सम्मेलन के लिए रुद्राक्ष की सभी 1200 सीटें फुल हो चुकी हैं।
ये भी पढ़ें: ज्ञानवापी का एएसआई सर्वे; मामले की सुनवाई महज 67 दिन में पूरी, फैसले को हिंदू पक्ष क्यों बता रहा बड़ी जीत?
महासम्मेलन में अलग अलग विषयों पर कार्यशालाएं होंगी। इसमें बौद्धिक संपदा अधिकार, सांस्कृतिक संवर्धन, तीर्थयात्रियों की सुविधा व सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, ऑनलाइन आयोजन, वैश्विक स्तर तक मंदिरों की पहुंच और ठोस कचरा प्रबंधन पर मंथन होगा।